जमशेदपुर: बांग्लादेश में घटित हालिया घटनाओं को लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। इन्हीं घटनाओं के विरोध में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर के नेतृत्व में 28 दिसंबर (रविवार) को संध्या 4 बजे आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। यह प्रदर्शन साकची गोलचक्कर पर होगा।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना की पुकार है। परिषद के झारखंड महामंत्री सिद्धनाथ सिंह ने तीखे शब्दों में कहा—“बांग्लादेश की घटनाओं पर चुप रहना कायरता होगी। जब मानवता पर हमला होता है, तब पूर्व सैनिक और राष्ट्रवादी समाज मूक दर्शक नहीं बन सकते।”

परिषद के अवधेश कुमार ने कहा—
“हमने देश की सीमाओं की रक्षा की है, अब हमारा दायित्व है कि अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाएँ। यह आक्रोश प्रदर्शन राष्ट्र की आत्मा की अभिव्यक्ति है।”

वहीं मनोज कुमार सिंह ने कहा—
“यह किसी एक संगठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समस्त राष्ट्रवादी समाज का आह्वान है। अत्याचार चाहे कहीं भी हो, उसका विरोध हर भारतवासी का कर्तव्य है।”
जयप्रकाश नौसेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“अगर आज हमने आवाज़ नहीं उठाई, तो कल इतिहास हमसे सवाल करेगा। यह प्रदर्शन चेतावनी है कि भारत का समाज अन्याय सहने वाला नहीं है।”
परिषद ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित रहेगा। प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड – CAP निर्धारित किया गया है।
परिषद ने समस्त हिन्दू समाज, सभी धार्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपना विरोध दर्ज कराएँ।

कार्यक्रम विवरण
स्थल: साकची गोलचक्कर, जमशेदपुर
तिथि: 28 दिसंबर
समय: संध्या 4:00 बजे
इस आक्रोश प्रदर्शन में परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी जसवीर सिंह, एस. के. सतीश प्रसाद, शशि भूषण सिंह, आमोद कुमार, नवीन के., राजेन्द्र कुमार, नवल किशोर पाठक, एल. बी. सिंह, शिव शंकर, अमरनाथ धोके, दीपक गुप्ता, मोहन दुबे, डी. एन. सिंह, कुन्दन सिंह, जयप्रकाश, देव नारायण सिंह, अवधेश कुमार, आर. कुमार, पी. के. झा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहेंगे।




