Saraikela (सरायकेला) : जिला मुख्यालय सरायकेला के बहुचर्चित सहकारिता बैंक (Cooperative Bank) घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी व स्थानीय व्यवसायी संजय डालमिया, तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील सतपति और बैंक कर्मचारी मनीष देवगन को दोषी करार दिया है। इस फैसले के बाद से पूरे जिले के प्रशासनिक और व्यवसायिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
करोड़ों का खेल
यह भ्रष्टाचार का मामला वर्ष 2019 का है, जब सरायकेला स्थित कोऑपरेटिव बैंक में नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये के ऋण बांटने का खुलासा हुआ था। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कुल 38 करोड़ रुपये के बांटे गए ऋण में से अकेले 32 करोड़ रुपये संजय डालमिया को दिए गए थे। शेष 4 करोड़ रुपये अन्य लोगों में वितरित किए गए। ऋण देने की प्रक्रिया में न केवल वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ, बल्कि बैंक प्रबंधन ने इसकी वसूली के लिए भी कोई ठोस प्रयास नहीं किए।
एसीबी की जांच और अदालती कार्यवाही
इस घोटाले के संबंध में सरायकेला थाना में वर्ष 2019 में दो अलग-अलग प्राथमिकी (कांड संख्या 118/2019 और 119/2019) दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एसीबी के डीएसपी अनिमेष कुमार गुप्ता द्वारा की गई। जांच अधिकारी ने अदालत में पुख्ता साक्ष्य और दस्तावेज पेश किए, जिसके आधार पर आरोपियों के विरुद्ध दोष सिद्ध हुआ।








