Chaibasa (चाईबासा ) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड अंतर्गत बाराकाटा गांव में विकास योजनाओं में बिचौलियों के हावी होने और फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहां फर्जी ग्राम सभा दिखाकर एक सरकारी योजना का इकरारनामा कराने का आरोप लगा है। इस धांधली के खिलाफ ग्रामीणों और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत धोबाधोबिन के मुखिया सोना सिंह पिंगुआ और ग्राम मुंडा प्रवीण पिंगुआ ने पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त (DC West Singhbhum) को लिखित शिकायत सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
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कल्याण विभाग की योजना में फर्जीवाड़ा
मिली जानकारी के अनुसार, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, चाईबासा द्वारा ग्राम बाराकाटा में ‘भाग-II कब्रिस्तान निर्माण कार्य’ की योजना स्वीकृत की गई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि गांव के कुछ सक्रिय बिचौलियों ने इस योजना को हथियाने के लिए कागजों पर फर्जी ग्राम सभा का आयोजन दिखा दिया। इसके बाद गुपचुप तरीके से फर्जी तस्वीरें लगाकर गलत ढंग से योजना का इकरारनामा भी करा लिया गया, ताकि निर्माण कार्य को अपने तरीके से चालू किया जा सके।
पारदर्शी तरीके से नई ग्राम सभा बुलाने की मांग
इस फर्जीवाड़े की भनक लगते ही ग्रामीण लामबंद हो गए। उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में मुखिया और ग्राम मुंडा ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि बिचौलियों द्वारा किए गए इस अवैध और फर्जी इकरारनामे को अविलंब रद्द किया जाए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि बाराकाटा गांव में दोबारा से एक पारदर्शी और खुली ग्राम सभा बुलाई जाए। इसके बाद आम सहमति से लाभुक समिति का गठन कर नए सिरे से योजना का इकरारनामा किया जाए, जिससे बाराकाटा के ग्रामीणों की देखरेख में निर्माण कार्य सही और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित हो सके।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे ग्रामीण
इस पूरे प्रकरण पर आक्रोश जताते हुए ग्रामीणों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और बिचौलियों की मनमानी को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उपायुक्त को सौंपे गए शिकायत पत्र पर मुखिया सोना सिंह पिंगुआ और मुंडा प्रवीण पिंगुआ के हस्ताक्षर मौजूद हैं। अब ग्रामीणों को जिला प्रशासन से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की उम्मीद है।








