आदित्यपुर: झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का उदाहरण पेश करते हुए सीतारामपुर में बांदो दरहा टूसू मेला समिति द्वारा भव्य टूसू मेले का आयोजन किया गया। इस उत्सव में परंपरा, उल्लास और सामुदायिक एकता का अद्भुत मेल देखने को मिला।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने टूसू मां की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मेले को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने झारखंड की सांस्कृतिक विरासत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति और आखान यात्रा जैसे पर्व राज्य की पहचान हैं। उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग उठाते हुए कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न ‘सोने की चिड़िया’ होने के बावजूद यहाँ के लोग आज भी अभावों में हैं। सांसद ने टूसू पड़ाव, आखान यात्रा और बंदना-सोहराय पर्व की महत्ता को देखते हुए पूरे प्रदेश में कुल चार दिन के अवकाश की मांग उठाई।
मेले का मुख्य आकर्षण टूसू प्रतिमाओं की प्रतियोगिता रही, जिसमें कुल 20 छोटे-बड़े टूसू शामिल हुए। समिति द्वारा कलाकारों का उत्साहवर्धन करने के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की गई। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाली सोसोमली राजनगर के टुसु प्रतिमा को 20 हजार रुपये, द्वितीय को 15 हजार, तृतीय को 10 हजार, चतुर्थ को 8 हजार और पांचवें स्थान को 5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। अन्य सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता बास्को बेसरा, झामुमो नेता भोंडा बेसरा, झामुमो नगर अध्यक्ष बीरेंद्र प्रधान, आनंदी आचार्य, बीरेंद्र गुप्ता, लालू बेसरा, राजेश लाहा, खिरोद सरदार , भरत सिंह सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। आयोजन को सफल बनाने में बुधराम बेसरा, नूना राम हंसदा, दुर्गा बेसरा, रवि मांझी, प्रेम मार्डी, जागरण मार्डी सहित समिति के सदस्यों की अहम भूमिका रही।

