गुवा | संवाददाता: सेल (SAIL) प्रबंधन की ओर से लागू की गई SESBF (सेल एम्प्लॉइज सुपरएन्युएशन बेनिफिट फंड) योजना को लेकर कर्मचारियों में नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है। ताज़ा विवाद 1 अप्रैल को जारी पे स्लिप के बाद सामने आया, जिसमें SESBF से संबंधित किसी भी कटौती या राशि का विवरण नहीं दिया गया।
पे स्लिप से गायब हुआ SESBF का उल्लेख
कर्मचारियों का कहना है कि मार्च महीने के वेतन (जिसका भुगतान अप्रैल में हुआ) की पे स्लिप में यह स्पष्ट नहीं है कि SESBF के तहत कोई कटौती की गई या नहीं। इससे कर्मचारियों के बीच भ्रम और असंतोष की स्थिति बन गई है।
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NPS में ट्रांसफर को लेकर भी सवाल
प्रबंधन ने पहले जारी सर्कुलर में कहा था कि जो कर्मचारी SESBF की 2% कटौती को NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में ट्रांसफर करना चाहते हैं, वे सहमति दें। कई कर्मचारियों ने इस पर सहमति भी दी थी, लेकिन अब पे स्लिप में इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
मजदूर संघ ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल
झारखंड मज़दूर संघर्ष संघ, किरीबुरू इकाई के महामंत्री राजेंद्र सिंधिया ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि—
हर कटौती का स्पष्ट विवरण पे स्लिप में होना चाहिए
कितनी राशि कटी, किस मद में कटी, और कहाँ जमा हुई—यह जानकारी अनिवार्य है
मौजूदा CPRS (पे स्लिप सॉफ्टवेयर) में इसको लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है।
संघ की प्रमुख मांगें
संघ ने प्रबंधन के सामने कई मांगें रखी हैं—
जब तक सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होता, SESBF फंड को यथावत रखा जाए
कर्मचारियों की जमा राशि और ब्याज का विवरण पे स्लिप में दिखाया जाए
या तो ब्याज सहित भुगतान जारी रखा जाए, या पूरी राशि वापस की जाए
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही इस मामले में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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