Chaibasa (चाईबासा) : मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत असाध्य रोग से पीड़ित मरीज को वित्तीय वर्ष 2024 -25 की राशि स्वास्थ्य विभाग चाईबासा में समाप्त हो जाने, सदर अस्पताल में नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था सुचारु करने एवं हाटगम्हरिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर अधिवक्ता सह सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम गुप्ता ने सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो कुमार मांझी से शुक्रवार को कार्यालय कक्ष में भेंटवार्ता की.
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राजाराम गुप्ता ने सिविल सर्जन को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत असाध्य रोगों से पीड़ित मरीज के फंड की राशि समाप्त हो चुकी है. जिससे मरीज को किसी भी प्रकार की इलाज में असुविधा न हो इसको लेकर पहल होनी चाहिए. इस पर सर्जन ने कहा कि विगत 1 वर्षों में काफी संख्या में असाध्य रोग से पीड़ित जरूरतमंदों की इलाज हेतु राशि उपलब्ध हो पाई है, जो हर्ष की बात है. वही स्टेट को एक करोड रुपए का डिमांड भेजा गया है. वहीं आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 5 करोड रुपए की राशि उपलब्ध कराने के लिए डिमांड किया जा रहा है. इससे पूर्व असाध्य रोग के इलाज के लिए उपलब्ध राशि व्ययगत (लेप्स) होकर वापस लौट जाती थी.

राजाराम गुप्ता ने कहा कि है हाटगम्हरिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की पूर्ण उपलब्धता नहीं होने से ग्रामीण बहुल क्षेत्र के मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस पर सिविल सर्जन ने कहा कि हाटगम्हरिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की उपलब्धता हेतु राज्य सरकार को पत्राचार किया जा चुका है, जल्द ही चिकित्सकों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित होगी. वहीं सदर अस्पताल में नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
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