Chaibasa (चाईबासा) : जेएसएससी द्वारा राज्य में 26 हजार सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. जिस प्रकार से फेज वाइज छंटनी हो रही है. उससे आधे से अधिक सीट खाली रहने का अनुमान है.

वर्ग छ से आठ विज्ञान गणित का डी वी हो चुका है।जिला स्तर पर काउंसलिंग जारी है. भारी संख्या में जे एस एस सी कार्यालय में डी वी के समय छंटनी हुई थी. अब जिला स्तर पर काउंसलिंग में भी छंटनी की संभावना को लेकर अभ्यर्थियों में छटपटाहट है. जिला स्तर पर एक बार फिर से 52और 60 का जिन्न निकल गया. दुमका जिला में चल रहे काउंसलिंग में एक अभ्यर्थी को नोटिस थमाया गया, जिसने जनरल कैटेगरी में 52% के साथ टेट पास पर 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया गया. इसके बाद ये नोटिस विभिन्न ग्रुपों में वायरल होता रहा. रात भर अभ्यर्थियों की छटपटाहट बनी रही.
क्या है मामला
वर्ष 2014 और 2016 में हुए टेट परीक्षा में सामान्य वर्ग का क्वालीफाइंग मार्क्स 60% था जबकि एस टी, एस सी, ओ बी सी, इ बी सी आदि आरक्षित श्रेणी के लिए 52%क्वालीफाइंग मार्क्स था. सहायक आचार्य में पश्चिमी सिंहभूम सहित कुछ जिला में ओ बी सी का आरक्षण शून्य है. ऐसे में ओ बी सी श्रेणी के छात्रों ने भी या तो सामान्य वर्ग में आवेदन किया या आयोग द्वारा उन्हें सामान्य श्रेणी में रखा गया.
समस्या
समस्या ये है कि अभ्यर्थी टेट पास आरक्षण श्रेणी के मार्क्स 52%के साथ पास है. जबकि सामान्य वर्ग के लिए 60% की बाध्यता है अब ऐसे में प्रतिशत के चक्कर में दुमका जिला में नोटिस थमाया गया है. पश्चिमी सिंहभूम में भी ओ बी सी का आरक्षण शून्य है. अब ऐसे ने आरक्षित श्रेणी के मार्क्स 52% के साथ पास किए और सामान्य श्रेणी में चयन के लिए काउंसलिंग को आए अभ्यर्थियों के साथ चाईबासा स्थापना समिति क्या निर्णय लेती है इसे लेकर अभ्यर्थी सहमे हुए है.
अभ्यर्थियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि पांच जिले का ऑप्शन मांगा गया था. अगर 52% वालों को सामान्य श्रेणी ने रखने में तकनीकी अड़चन है तो उन्हें जिन जिलों में ओ बी सी, इ बी सी का आरक्षण है. उन जिलों में उन्हें बहाल किया जाए.