चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम | न्यूज़ डेस्क
झारखंड और ओडिशा की सीमा पर आतंक का पर्याय बन चुका ‘दंतैल पागल हाथी’ एक बार फिर पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव प्रखंड में सक्रिय हो गया है। मझगांव के हल्दिया स्थित बन्दासाई और तिलोकुटी क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले 9 दिनों में 22 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले इस हाथी को खदेड़ने के लिए वन विभाग की टीम युद्ध स्तर पर जुटी हुई है।

बाल-बाल बची ग्रामीणों की जान
मझगांव क्षेत्र में हाथी के अचानक पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि हाथियों के आतंक के कारण ग्रामीण इन दिनों रात में जागकर पहरा (रतजगा) दे रहे हैं। ग्रामीणों ने जैसे ही हाथी को देखा, तुरंत वन विभाग को सूचित किया। मौके पर पहुँचे वन कर्मियों ने आग की मशालों और पटाखों के जरिए हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास शुरू कर दिया है।

ट्रैकआउट के बाद फिर मिला लोकेशन
उल्लेखनीय है कि यह दंतैल हाथी आखिरी बार खड़पोस पंचायत के बेनीसागर में देखा गया था, जिसके बाद वह ‘आउट ऑफ ट्रैक’ हो गया था। कुछ समय के लिए इसके ओडिशा सीमा में प्रवेश की खबरें आई थीं, लेकिन लोकेशन स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। अब दोबारा मझगांव इलाके में इसकी सक्रियता ने वन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल यह हाथी झारखंड-ओडिशा बॉर्डर पर जमा है।

चार राज्यों की टीमें और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
हाथी के बढ़ते खतरे को देखते हुए ऑपरेशन को बेहद गंभीर बना दिया गया है। वर्तमान में :
- इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन: झारखंड और ओडिशा वन विभाग की टीमें मिलकर साझा अभियान चला रही हैं।
- एक्सपर्ट्स की मौजूदगी: ओडिशा, झारखंड के साथ-साथ असम और गुजरात से आए वन्यजीव विशेषज्ञों की टीमें हाथी को ‘ट्रैंकुलाइज’ (बेहोश) करने की योजना पर काम कर रही हैं।
- हाई-टेक निगरानी: हाथी की सटीक लोकेशन जानने के लिए ड्रोन कैमरों और आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है।
वन विभाग की चेतावनी और मुआवजा
वन विभाग ने सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी है कि :
- रात के समय अकेले घर से बाहर न निकलें।
- जंगल की ओर जाने से पूरी तरह परहेज करें।
- हाथी दिखने पर खुद कोई कार्रवाई करने के बजाय विभाग को सूचित करें।
विभाग ने हाथी के हमले में जान गंवाने वाले परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है, जबकि शेष औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।
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