चाईबासा में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एक आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में, चोरी की बाइक व मोबाइल बरामद।
चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम : चाईबासा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर आम जनता को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक शातिर सजायाफ्ता अपराधी और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है, जो चोरी की बाइक पर ‘Police’ का लोगो लगाकर अवैध वसूली और ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

मुख्य बातें:
- आरोपी: रोशन एक्का (38 वर्ष) और एक नाबालिग।
- मोडस ऑपरेंडी: फर्जी पुलिस नेमप्लेट और व्हाट्सएप पर सीनियर अफसरों की फोटो लगाकर ठगी।
- बरामदगी: फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक, चोरी का मोबाइल और 3 एंड्रॉइड फोन।
- इतिहास: मुख्य आरोपी रोशन एक्का हत्या के मामले में पहले से सजायाफ्ता है।
पूरा मामला: गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (SP) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना थी कि ताम्बो चौक के पास दो व्यक्ति काले-हरे रंग की SP Shine मोटरसाइकिल पर फर्जी पुलिस नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे हैं और खुद को अधिकारी बताकर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SDRPO बहामन टुटी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तुंगरी पुल के पास घेराबंदी कर संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका।

तलाशी में खुला राज: बाइक से लेकर प्रोफाइल तक फर्जी
पुलिस द्वारा की गई तलाशी में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
- फर्जी नंबर प्लेट: बाइक पर ‘POLICE’ लोगो के साथ फर्जी नंबर (JH06Q 8055) लगा था, जबकि सीट के नीचे से असली नंबर प्लेट (JH06Q 3520) बरामद हुई।
- डिजिटल ठगी: आरोपी व्हाट्सएप प्रोफाइल पर वरीय पुलिस अधिकारियों की फोटो लगाकर खुद को ‘CID इंस्पेक्टर’ बताते थे ताकि लोग आसानी से झांसे में आ जाएं।
- चोरी का सामान: इनके पास से बरामद मोबाइल और मोटरसाइकिल भी चोरी के पाए गए हैं।
शातिर अपराधी है मुख्य आरोपी
गिरफ्तार रोशन एक्का का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह मुफ्फसिल थाना के कांड संख्या 114/2004 (धारा 302 भा.द.वि.) में सजायाफ्ता है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पिछले दो महीनों में की गई ठगी के शिकार लोगों का पता लगा रही है।
पुलिस की जन-अपील
चाईबासा पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति पुलिसकर्मी बनकर आपसे पैसे की मांग करे, तो तुरंत डायल 112 या पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 9508243546 पर सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
छापेमारी टीम:
इस सफल अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार, पु०अ०नि० अरविंद कुमार शर्मा, रितेश कुमार सिंह और मुफ्फसिल थाना के सशस्त्र बल शामिल थे।

