गुवा : गुवा ठेका मजदूर आंदोलन को लेकर पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा खदान क्षेत्र में श्रमिकों के बीच आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। विभिन्न लंबित मांगों को लेकर ठेका मजदूरों ने 27 फरवरी को व्यापक आंदोलन करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय झारखंड मजदूर संघर्ष संघ की यूनियन बैठक में लिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सफाई कर्मी, सप्लाई कर्मी और ठेका श्रमिक उपस्थित रहे।
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Table of Contents
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गुवा ठेका मजदूर आंदोलन की पृष्ठभूमि
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मजदूरों की प्रमुख मांगें
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बसें रोकने का ऐलान
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स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राथमिकता
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प्रबंधन पर लगाए गए आरोप

गुवा ठेका मजदूर आंदोलन की पृष्ठभूमि
यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने बताया कि Steel Authority of India Limited (SAIL) प्रबंधन द्वारा ठेका श्रमिकों को मिलने वाली मेडिकल सुविधा बंद कर दी गई है। इससे मजदूरों और उनके परिवारों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मजदूरों का कहना है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके कारण अब गुवा ठेका मजदूर आंदोलन अपरिहार्य हो गया है।

बसें रोकने का ऐलान और आंदोलन की रणनीति
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 फरवरी शाम 4 बजे जनरल ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन के दौरान खदान क्षेत्र में कर्मचारियों को ले जाने वाली बसों को भी रोका जाएगा।
यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक गुवा ठेका मजदूर आंदोलन जारी रहेगा।
मजदूरों की प्रमुख मांगें (H3)
1. मेडिकल सुविधा बहाल करना
सेल गेस्ट हाउस में ठेका श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा पुनः शुरू की जाए।
2. सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाना
पूर्व में दिए गए आश्वासन को लागू करने की मांग।
3. स्किल्ड व सेमी-स्किल्ड सूची तैयार करना
आगामी टेंडर प्रक्रिया से पहले श्रमिकों का वर्गीकरण।
4. आवास सुविधा उपलब्ध कराना
ठेकेदारों के बजाय ठेका मजदूरों को क्वार्टर देने की मांग।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता
यूनियन ने मांग की कि अप्रेंटिस, इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा कर चुके स्थानीय युवाओं को बहाली में प्राथमिकता दी जाए। आसपास के गांवों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देना क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक बताया गया।
प्रबंधन पर गंभीर आरोप
मजदूर नेताओं ने आरोप लगाया कि श्रमिकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो गुवा ठेका मजदूर आंदोलन आगे और उग्र रूप ले सकता है।
बैठक में महामंत्री अंतर्यामी महाकुड़, सिकंदर पान सहित बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।
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