कोल्हान मुखिया सम्मेलन का आयोजन Kolhan University के सभागार में किया गया, जिसमें कोल्हान प्रमंडल के विभिन्न पंचायतों के मुखिया शामिल हुए। इस सम्मेलन का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री Deepika Pandey Singh ने किया। कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित भी किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में मुखिया अपने पंचायत के “मुख्यमंत्री” के समान हैं। उन्होंने कहा कि गांवों के समग्र विकास में मुखियाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके प्रयासों से ही ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव संभव है।

मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य गठन के बाद पहली बार 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग के तहत पंचायतों को सर्वाधिक राशि आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि अगले 10 से 15 दिनों में राज्य वित्त आयोग की राशि पंचायतों तक पहुंच जाएगी। इस बार प्रत्येक पंचायत को लगभग 52 लाख रुपये की राशि मिलने वाली है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलेगी।
सम्मेलन के दौरान मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मुखिया समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। सरकार द्वारा उत्कृष्ट पंचायतों को सम्मानित करने और उन्हें प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है, जिससे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

PESA Act का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित नियमावली को वर्तमान सरकार ने लागू कर पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ग्राम सभा के निर्णय सर्वोपरि होंगे और बिना उनकी सहमति के कोई भी योजना लागू नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पहली बार नियमावली में महिलाओं को ग्राम सभा सचिव बनने का अधिकार दिया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
मंत्री ने पंचायत समिति और वार्ड सदस्यों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंचायतों को मिलने वाली राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा पंचायत समिति सदस्यों को विकास कार्यों के लिए दिया जाता है, जबकि वार्ड सदस्यों के अधिकारों को लेकर विभाग में गंभीर विचार-विमर्श जारी है।
जल संकट को वर्तमान समय की बड़ी चुनौती बताते हुए मंत्री ने कहा कि पंचायतों को उपलब्ध कराई जा रही राशि से चापानल मरम्मत और पानी के टैंकर जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं। इसके अलावा, विभाग ने अगले वर्ष समय पर पंचायत चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है, जो 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के आधार पर संपन्न होंगे।
सम्मेलन में Joba Majhi, Sona Ram Sinku तथा पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने भी अपने विचार साझा किए। विभिन्न पंचायतों से आए मुखियाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार द्वारा प्रदान की जा रही वित्तीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
कोल्हान मुखिया सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि मजबूत पंचायत व्यवस्था ही ग्रामीण विकास की आधारशिला है और सामूहिक भागीदारी से ही समाज का सतत विकास संभव है।








