Chaibasa (चाईबासा) : माघ माह की संगरांद गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा में नानकशाही संवत 557 के अनुसार आज पूरे श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाई गई। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में साध संगत ने गुरु घर में हाजिरी लगाकर माथा टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा में प्रभात फेरी का आयोजन
नानकशाही संवत 557 और माघ माह का महत्व
सिख धर्म में माघ माह का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। माघ माह की संगरांद गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा में इस अवसर पर संगत को बताया गया कि माघ का महीना संयम, सेवा, सिमरन और सदाचार का प्रतीक है। यह महीना आत्मिक शुद्धता और जीवन में सकारात्मकता लाने का संदेश देता है।
बारह माह का पाठ और गुरबाणी का श्रवण
गुरुद्वारा साहिब में रानो वालिया जी द्वारा बारह माह का पाठ किया गया। इसके पश्चात माघ माह से संबंधित गुरबाणी का श्लोक एवं महीने का भावार्थ साध संगत को सुनाया गया। माघ माह की संगरांद गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा के दौरान गुरबाणी की मधुर वाणी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
अरदास में की गई सुख-शांति की कामना
इस पावन अवसर पर समस्त साध संगत की सेहत, सुख-शांति, समृद्धि और चड़दी कला के लिए विशेष अरदास की गई। अरदास में विश्व कल्याण, समाज में भाईचारे और शांति की भी कामना की गई।
गुरु सिंह सभा अध्यक्ष का संदेश
श्री गुरु सिंह सभा चाईबासा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने अपने संबोधन में कहा कि माघ माह की संगरांद गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा समस्त संगत के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है। उन्होंने वाहेगुरु जी से अरदास करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालुओं का माघ माह सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य के साथ व्यतीत हो।
उन्होंने संगत से अपील की कि वे निरंतर गुरु घर से जुड़े रहें, सेवा और सिमरन को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा गुरु साहिब की शिक्षाओं पर चलकर जीवन को सफल बनाएं।
संगरांद का प्रसाद एवं लंगर
धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत संगरांद का प्रसाद एवं अल्पाहार संगत में वितरित किया गया। सेवा भावना के साथ किए गए लंगर प्रसाद में संगत ने पंगत में बैठकर सहभागिता निभाई, जो सिख धर्म की समानता और भाईचारे की भावना को दर्शाता है।
साध संगत से विशेष निवेदन
अंत में समस्त साध संगत से यह विनम्र निवेदन किया गया कि वे इसी प्रकार गुरु घर के साथ जुड़े रहें और अपने जीवन में सदैव खुशहाली, शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करें। माघ माह की संगरांद गुरुद्वारा नानक दरबार चाईबासा ने संगत को एक बार फिर गुरु साहिब के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
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