डंगोआपोसी, संवाददाता: क्षेत्र की सुख-शांति और आरोग्य की कामना के साथ डंगोआपोसी में Sheetala Mata की पारंपरिक पूजा श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हुई। वर्षों पुरानी इस परंपरा को निभाते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और विशेष अनुष्ठानों में भाग लिया।
भक्तिमय रहा माहौल
पूजा की शुरुआत सुबह माता के आह्वान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। पूजा स्थल को फूलों और आकर्षक लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया था। पूरे वातावरण में माता के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक वेषभूषा में नंगे पैर घट यात्रा निकालकर श्रद्धा के साथ माता के चरणों में अर्पित किया।
पारंपरिक अनुष्ठान और मान्यता
क्षेत्रीय मान्यताओं के अनुसार, शीतला माता की पूजा चेचक, खसरा और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए की जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता की कृपा से गांव-घर में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य बना रहता है।
पूजा के मुख्य आकर्षण
- पुष्पांजलि: पूजा सम्पन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
- प्रसाद वितरण: पूजा के पश्चात बड़ी संख्या में भक्तों के बीच खिचड़ी और फल का प्रसाद वितरित किया गया।
सामुदायिक सौहार्द की झलक
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्रीय एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मान्यताओं के अनुसार यह सदियों पुरानी परंपरा आज भी लोगों के जीवन में गहरी आस्था का केंद्र बनी हुई है, जो समाज को एकजुट रखने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करती है।








