Chaibasa : गलत बिजली बिल देने के विरोध में ग्रामीणों ने बिजली विभाग कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन, शहर भर में निकाली रैली

Chaibasa :- पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग के द्वारा अनाप शनाप बिजली बिल भेजे जाने से नाराज ग्रामीण सड़क पर उतर आए. चाईबासा सदर अनुमंडल के लगभग प्रखंडों के ग्रामीणों ने मंगलवार को अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा के बैनर तले अधिक बिजली बिल भेजे जाने पर विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया.

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बिजली विभाग के खिलाफ रैली निकलते ग्रामीण
बिजली विभाग के खिलाफ रैली निकलते ग्रामीण

इससे पूर्व अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा के अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शहर के मुख्य सड़कों पर रैली निकाली. उसके बाद बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया.

बता दें कि बिजली विभाग को इससे पूर्व के दिनों में भी ग्रामीणों के द्वारा अधिक बिजली बिल भेजे जाने की शिकायत की थी, लेकिन बिजली विभाग के द्वारा लगातार अनुमानित बिजली बिल से अधिक बिल भेज रहे हैं. जिससे लगभग ग्रामीण परेशान हैं. यही कारण है कि बिजली विभाग की इस कार्यशैली से परेशान होकर ग्रामीणों ने आज खपरसाई स्थित बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया और जमकर प्रदर्शन किया.

इधर, अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा के अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि बिजली विभाग के द्वारा एक-एक ग्रामीण के पास 15 से 85 हजार रुपए का बिजली विभाग ने बिल भेजा है. जिससे ग्रामीण काफी परेशान हैं उनको डर है कि अनुमानित राशि के अधिक बिजली विभाग द्वारा भेजे जा रहे बिल का भुगतान नही करने की स्थिति में कंही उनको जेल ना जाना पड़े. उनको डर है कि कंही सरकार उनकी जमीन ना लूट ले.

उन्होंने कहा कि बिना मीटर राइडिंग के बिजली विभाग ने बिल कैसे भेज दिया और आज बिजली बिल वसूली को लेकर लोगों पर मामला दर्ज किया जा रहा है. मुख्यमंत्री के द्वारा 100 यूनिट बिजली फ्री में देने का बात किया था. जिसके बाद बिजली विभाग के द्वारा बिल भेजा जा रहा है, जब ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जा रहा है. ऐसे में लोग 100 यूनिट फ्री बिजली का लाभ नही ले पा रहे हैं. यह जिला पूरे भारत देश और झारखंड राज्य को चमका दिया. लेकिन यंहा के लोग खुद अंधकार में रह रहे हैं. अगर झारखंड सरकार ग्रामीणों की बिजली बिल को माफ नही करती तो हम लोग ढिबरी युग का स्वागत करते हैं. इसके साथ ही रैयती जमीन पर बिजली के खंभे लगाये गए हैं उसे भी लेकर चले जाएं, जो गरीबों को सेवा नही दे सकता है.

हकीकत यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर घरों में एक बल्ब ही जलता है. उसके बावजूद बिजली विभाग के द्वारा इस तरह का बिजली बिल भेजा जाना गलत है.

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