विद्यालय के विकास व बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका पर दी गई प्रशिक्षण

चाईबासा :
तांतनगर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय उलीडीह में गुरुवार को विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विद्यालय प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों और शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान प्रोजेक्टर लगाकर ऑडियो वीडियो के माध्यम से विद्यालय के विकास और सभी बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक सीआरपी तरुण गोप ने कहा कि सरकार की ओर से हर विद्यालय में 16 सदस्यों की विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। समिति के लोगों को शिक्षित-प्रशिक्षित कर विद्यालय के विकास में भागीदारी सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक माह को सभी विद्यालय में प्रबंधन समिति की बैठक होती है। इसमें सभी सदस्य भाग लें और विद्यालय के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि विद्यालय में प्रत्येक तीन वर्ष पर विकास योजना बनाई जाती है। इसमें सभी सदस्यों की उपस्थिति होनी चाहिए ताकि योजना की जानकारी सभी सदस्यों को मिल सके। वहीं प्रशिक्षक ने विद्यालय प्रबंधन समिति क्या है, क्यों व कैसे बनाई गई है। इसकी पूरी जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि यहां शिक्षक का दायित्व है कि विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को समय-समय पर विद्यालय की कार्यप्रणाली और विभिन्न प्रावधानों, आदि पर जागरूक करें और जोड़ने का प्रयास करें ।

जिससे विद्यालय में एक बेहतर प्रबंधन व्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर काम करने के लिये विद्यालय प्रबंध समिति एवं शिक्षक एक साथ मिलकर काम कर सकें। मौके पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिशंकर गोप, प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार, सहायक शिक्षिका रीता लकड़ा, शिव शंकर संडिल, वार्ड सदस्य गोनो सवैया, एसएमसी उपाध्यक्ष सोमवारी सवैया, सदस्य योगेंद्र सवैया, मोहन भूमिज, झीली रजक, सोमवरी देवी, नीलम मुंडा, लक्ष्मी मुंडा समेत सभी सदस्य हवा शिक्षक उपस्थित रहे।

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