भारत की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार की जरूरत, झारखंड में सरकारी शिक्षक का बच्चा पढ़ता है पब्लिक स्कूल में, सरकारी डॉक्टर का परिवार कराता है प्राइवेट नर्सिंग होम में उपचार


सरकारी शिक्षक अपने स्कूल में कराए अपने बच्चों का दाखिला, डॉक्टर कराए अपने अस्पताल में इलाज – संदेश सरदार


Jaintgarh (जैंतगढ़) : झामुमो प्रखंड अध्यक्ष संदेश सरदार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के मामले में अपने ही सरकार को घेरते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य में आमूल चूल सुधार करने की मांग की है. श्री सरदार ने कहा स्वस्थ और शिक्षा दोनो सबसे महत्वपूर्ण विभाग है, पर स्वास्थ्य विभाग खुद वेंटीलेटर पर है. तो शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति मात्र हो रही है. पूरा शिक्षा विभाग मात्र कागज पर चल रहा है. ये कैसी विडंबना है सरकारी शिक्षको और डॉक्टरों को खुद अपने संस्थान पर भरोसा नहीं है. सरकारी शिक्षक का बेटा पब्लिक स्कूल में पढ़ता है वही सरकारी डॉक्टरों के परिवार साधारण बीमारी में भी प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज कराता है. जब डॉक्टर मास्टर को खुद पर भरोसा नहीं तो फिर उन्हे गरीब दलित पिछड़ा मजदूर किसान के बेटे को भी पढ़ाने और इलाज करने का कोई नैतिक हक नही बनता.

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श्री सरदार ने कहा मात्र एक माह में शिक्षा और स्वास्थ्य टिप टॉप हो जायेगा. सरकार कानून बना दे कि हर हाल में सरकारी मास्टर को अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में ही पढ़ाना होगा. जहां शिक्षक कार्यरत हों वही से उनके बच्चे शिक्षा ग्रहण करें और सरकारी डॉक्टर के परिवार को हर हाल में सरकारी अस्पताल से जहा वे कार्यरत हों उपचार कराना होगा. एक माह में स्वास्थ और शिक्षा विकसित देशों को भी पीछे छोड़ देगी. झामुमो के वरिष्ठ नेता करतल सरदार ने कहा प्रखंड के कुछ शिक्षक दोहरा लाभ उठा रहे है अपने बच्चों को पब्लिक स्कूल में पढ़ा रहे है और अपने बच्चो का फर्जी नामांकन अपने स्कूल में नामांकन अपने स्कूल में भी कर रखा है. वे अपने बच्चों को पढ़ा तो रहे है सरकारी स्कूलों में पर सरकारी लाभ भी अपने स्कूल से अपने बच्चों को दिला रहे है. दोहरा नामांकन कर दोहरा लाभ लेने वाले शिक्षको को चिन्हित कर उनके विरुद्ध करवाई की जाए.

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