नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जमशेदपुर में इंडस्ट्री–अकादमिया कॉन्क्लेव (IAC 2025) के तीसरे संस्करण का भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पद्मश्री अशोक भगत और संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने संयुक्त रूप से की।
इस अवसर पर देश के कई नामी शैक्षणिक संस्थानों के निदेशक व उद्योग जगत के दिग्गज मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में प्रमुख रूप से आईआईटी (ISM) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, एनआईटी दुर्गापुर के निदेशक प्रो. अरविंद चौबे और IIEST शिबपुर के निदेशक प्रो. वी.एम.एस.आर. मूर्ति शामिल हुए। उद्योग जगत से RSB ग्लोबल के चेयरमैन आर.के. बेहरा समेत कई वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने उद्योग और अकादमिक शोध के बीच मजबूत सहयोग को भारत की तकनीकी प्रगति के लिए आवश्यक बताया। कॉन्क्लेव के पहले दिन स्टार्टअप, नवाचार, एमएसएमई सहयोग, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता पर कई उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में HLE ग्लासकोट, टाटा मोटर्स, टाटा कमिंस और अन्य कंपनियों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। XLRI के प्रो. विनायक त्रिपाठी ने बदलते कौशल परिदृश्य पर महत्वपूर्ण विचार रखे।
इस दौरान एनआईटी जमशेदपुर ने 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत की दो महत्वपूर्ण सुविधाओं—5 करोड़ की सहायता से टेक्नोलॉजी–बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर एवं 20 करोड़ की केंद्रीय अनुसंधान सुविधा—का भी उद्घाटन किया। साथ ही महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए ‘वीमेन फ़ोरम’ की भी शुरुआत की गई।