गुवा (पश्चिमी सिंहभूम): सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) के अखिल भारतीय 18वें सम्मेलन के उपलक्ष्य में सोमवार को गुवासाई गांव स्थित सीटू यूनियन कार्यालय में झंडोत्तोलन कर झंडा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीटू के महासचिव रमेश गोप ने की।
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झंडोत्तोलन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए महासचिव रमेश गोप ने कहा कि सीटू का झंडा मजदूर वर्ग की एकता, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “जनपक्षीय विकल्प के लिए संघर्ष” सीटू का मूल नारा है, जिसे लेकर संगठन हर वर्ष झंडा दिवस मनाता है। यह दिवस मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मजदूरों के सामने रोजगार, मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और श्रम कानूनों से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियां हैं। ऐसे में संगठित होकर संघर्ष करना ही एकमात्र रास्ता है। सीटू मजदूरों के हक और सम्मान की लड़ाई लगातार लड़ती रही है और आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम में सीटू के सचिव राकेश कुमार, राज्य सदस्य मलय पाणीग्राही, विजय कुमार बेहेरा, अनिल कुमार, फोरमैन मांझी, आर. सोरेन, विशाल घोघरा, दीप कुमार पान, मनोज कुमार, बुलन राय, एन. चक्रवर्ती सहित बड़ी संख्या में सीटू कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
झंडा दिवस के अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत करने, मजदूर हितों की रक्षा तथा जनपक्षीय नीतियों के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
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