चाईबासा — आज दिनांक 20 जनवरी 2026 को कृषक पाठशाला, झींकपानी में कार्यरत मजदूरों ने मजदूरी में अनियमितता और काम से निकालने की धमकी को लेकर मजदूर नेता जॉन मिरन मुंडा के पास शिकायत दर्ज कराई। मजदूरों का आरोप है कि उनसे ₹350 प्रतिदिन की दर से काम कराया जा रहा था और मजदूरी को लेकर आवाज उठाने पर उन्हें काम से निकालने की धमकी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद मजदूर नेता जॉन मिरन मुंडा ने संबंधित एजेंसी के मैनेजर अमिनेश (Aminesh) से फोन पर बात करते हुए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर देने की मांग की। इसके बाद उन्होंने श्रम अधीक्षक के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल कर मजदूरों को नियमानुसार मजदूरी देने की गारंटी दिलाने की बात कही।
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हालांकि, इसके बाद जब मजदूर दोबारा काम पर पहुंचे तो कुछ मजदूरों को काम पर रखा गया, जबकि शेष मजदूरों को बाहर कर दिया गया। इस पर जॉन मिरन मुंडा स्वयं कार्यस्थल पर पहुंचे और मजदूरों के बयान लेने लगे। इसी दौरान कार्य स्थल पर मौजूद यूपी से आए मुंशी द्वारा बहस किए जाने की बात सामने आई।
इस मौके पर जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि
“झारखंड में बाहरी लोग आकर हावी हो रहे हैं। राज्य के बेरोजगार युवा पलायन को मजबूर हैं और बाहर जाकर भी शोषण का शिकार हो रहे हैं, जबकि हमारे ही राज्य में बाहरी लोग हावी होकर झारखंडियों के हक को मार रहे हैं। यह झारखंडियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है, जिसका विरोध किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि झामुमो (JMM) की झारखंड सरकार के रहते राज्य को लूटने का काम हो रहा है और मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
मजदूर नेता द्वारा श्रम अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर बकाया मजदूरी के भुगतान के साथ-साथ न्यूनतम मजदूरी दर लागू करने की मांग की गई है








