आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम चुनाव की सरगर्मी उस समय चरम पर पहुँच गई जब नामांकन के अंतिम दिन भाजपा के नेता संजय सरदार ने मेयर पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सबको चौंका दिया।
पिछले 25 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखने वाले सरदार ने पार्टी द्वारा अधिकारिक समर्थन न मिलने के बाद निर्दलीय (स्वतंत्र) प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का फैसला किया है। बुधवार को सरायकेला डीसी कार्यालय पहुँचकर उन्होंने निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपना पर्चा भरा। गौरतलब है कि भाजपा के भीतर लंबे समय से उम्मीदवार के नाम पर चल रही रायशुमारी में संजय सरदार का नाम रेस में था, लेकिन अंतिम सूची में नाम न होने के कारण उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है।
चुनावी एजेंडा: “हर घर नल, शुद्ध जल”
नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए संजय सरदार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता आदित्यपुर की जनता को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। उनके एजेंडे के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
* स्वच्छ पेयजल: नगर निगम क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट को दूर कर हर घर तक शुद्ध पानी पहुँचाना।
* सफाई व्यवस्था: कचरा प्रबंधन और शहर की स्वच्छता में आमूलचूल परिवर्तन।
* बुनियादी ढांचा: बिजली, जर्जर सड़कों की मरम्मत और जलजमाव जैसी समस्याओं का स्थाई समाधान।
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संजय सरदार ने कहा, “मैंने 25 सालों तक पार्टी के झंडे को बुलंद किया है। जनता की पुकार और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए मैं चुनाव मैदान में हूँ।”
बदलेगा सियासी समीकरण?
संजय सरदार के इस कदम ने भाजपा के आधिकारिक खेमे में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरदार की मजबूत जमीनी पकड़ और वर्षों का सांगठनिक अनुभव अन्य प्रत्याशियों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। अब देखना यह होगा कि मतदान के दिन जनता उनके इस ‘विद्रोही’ लेकिन जन-सरोकारी कदम को किस रूप में स्वीकार करती है।








