नई दिल्ली : बॉलीवुड के चर्चित हास्य अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। राजपाल यादव चेक बाउंस केस में दिल्ली हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद उन्होंने अदालत के निर्देशानुसार जेल में आत्मसमर्पण कर दिया है। यह मामला वित्तीय लेनदेन से जुड़े चेक बाउंस प्रकरण से संबंधित है, जिसमें उन्हें पूर्व में दोषी ठहराया जा चुका था।
क्या है पूरा मामला?
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि निर्धारित भुगतान से संबंधित जारी किया गया चेक बाउंस हो गया था। न्यायालय ने इसे गंभीर वित्तीय उल्लंघन मानते हुए अभिनेता को सजा सुनाई थी। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए राजपाल यादव ने संबंधित प्राधिकरण के समक्ष सरेंडर कर दिया।
हाई कोर्ट का सख्त रुख
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चेक बाउंस से जुड़े मामलों में न्यायालय आमतौर पर सख्त रुख अपनाता है, क्योंकि यह वित्तीय अनुशासन और विश्वास से जुड़ा विषय होता है। भारतीय दंड संहिता एवं नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में दंड और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
राजपाल यादव हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय कॉमेडी अभिनेताओं में गिने जाते हैं और उन्होंने अनेक सुपरहिट फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। हालांकि, यह पहला अवसर नहीं है जब वे किसी कानूनी मामले को लेकर चर्चा में आए हों।
कानूनी प्रक्रिया जारी
फिलहाल इस प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशानुसार जारी रहेगी। उनके अधिवक्ताओं द्वारा राहत के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।








