आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित इमली चौक फुटबॉल मैदान में आज प्रथम ‘स्वदेशी मेला’ का भव्य शुभारंभ हुआ। र स्थानीय कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस मेले में भारत के 13 राज्यों के 120 स्टालधारक अपनी कला और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यू कॉलोनी हाई स्कूल की छात्राओं ने झारखंड के पारंपरिक लोक नृत्य के साथ अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।

प्रगति के साथ आर्थिक स्वतंत्रता जरूरी: रुपेश कतरियार
सत्र के सम्मानित अतिथि और ISRO के अध्यक्ष रुपेश कतरियार ने युवाओं और रोजगार के अंतर्संबंधों पर जोर देते हुए कहा, “आज देश प्रगति की राह पर है, लेकिन युवाओं को रोजगार देना सबसे बड़ी चुनौती है। बेरोजगारी का एकमात्र समाधान ‘स्वदेशी’ अपनाना है। तकनीक कितनी भी उन्नत हो जाए, रोजगार की व्यापक संभावनाएं केवल स्वदेशी कार्यप्रणाली से ही सृजित की जा सकती हैं।”
स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मंच के उत्तर-पूर्व क्षेत्र के संगठनकर्ता अजय उपाध्याय ने ‘मेक इन इंडिया’ के वास्तविक अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि हमें बाजार में उन्हीं वस्तुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए जो हमारे जिले, राज्य या देश में बनी हों, ताकि धन का प्रवाह देश के भीतर ही रहे। वहीं, अखिल भारतीय सह पर्यावरण प्रमुख बन्दे शंकर ने पर्यावरण और संसाधनों के संतुलित दोहन पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक प्रेरक मंत्र दिया:
”हमारा आचरण ऐसा हो कि व्यवहार में देशी, जरूरत पड़ने पर स्वदेशी और केवल मजबूरी में ही विदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें।”

गणमान्य जनों की उपस्थिति
सत्र में मुरलीधर केडिया ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रकाश मेहता ने किया, जबकि स्वागत भाषण अमित मिश्रा और विषय प्रवेश राष्ट्रीय परिषद सदस्य मनोज सिंह द्वारा किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन अजीत सिंह ने किया। इस अवसर पर NIT के प्रोफेसर, संध्या जी, अल्पना कुमारी, किरनजीत कौर, सुनीता मिश्रा सहित सरायकेला और जमशेदपुर के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।








