तालाबुरू सेक्शन में रेल पटरी पर हाथियों का झुंड, दो घंटे ठप रहा ट्रेन परिचालन | चक्रधरपुर रेल मंडल अलर्ट

तालाबुरू

चक्रधरपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत चाईबासा–डंगुवापोसी मुख्य रेल मार्ग पर गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तालाबुरू सेक्शन में अचानक हाथियों का एक बड़ा झुंड रेल पटरी पर आ गया। वन्यजीवों की सुरक्षा और किसी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए रेलवे प्रशासन को तत्काल ट्रेन परिचालन रोकना पड़ा। इस कारण लगभग दो घंटे तक इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप रहा।

Adityapur Railway Station GM Visit: आदित्यपुर बनेगा अत्याधुनिक सैटेलाइट स्टेशन: जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने परखा विकास कार्यों का दम ​चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को विस्तार देने के लिए रेलवे ने कसी कमर।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे किलोमीटर संख्या 337/6-8 और 414/4 के आसपास ड्यूटी पर तैनात ट्रैक मेंटेनर और कीमैन ने रेल ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी देखी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तुरंत रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। सूचना मिलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय सक्रिय हो गया और एहतियातन इस रूट पर ट्रेन परिचालन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया।

करीब दो घंटे तक हाथियों का झुंड ट्रैक के आसपास विचरण करता रहा। सुबह लगभग 8 बजे के बाद झुंड धीरे-धीरे जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली और चरणबद्ध तरीके से ट्रेन सेवाएं बहाल की गईं।

ट्रेनों की रफ्तार धीमी, लोको पायलट अलर्ट

घटना के बाद रेलवे ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए इस रेलखंड से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की गति सीमित कर दी। लोको पायलटों को विशेष अलर्ट जारी किया गया, ताकि आगे भी किसी वन्यजीव की मौजूदगी की स्थिति में तुरंत ट्रेन नियंत्रित की जा सके। रेलवे प्रशासन ने वन विभाग से भी समन्वय स्थापित किया है, जिससे हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता गहराई है। ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन के प्रतिनिधि चांद मोहम्मद ने बताया कि सुबह के समय लगभग आठ हाथियों का झुंड रेल लाइन की ओर बढ़ रहा था, जबकि उसी समय रेलकर्मी ठंड के मौसम में पेट्रोलिंग कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नाइट पेट्रोलिंग के दौरान हाथियों की मौजूदगी से कर्मचारियों की जान जोखिम में रहती है। यूनियन ने मांग की है कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग को अस्थायी रूप से बंद किया जाए तथा कीमैन के ड्यूटी रोस्टर में आवश्यक बदलाव किए जाएं।

रेलवे प्रशासन से कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और स्थायी उपाय लागू करने की भी अपील की गई है।

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सरायकेला

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