आदित्यपुर: नगर निगम के वार्ड 23 में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है। जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है, समीकरण पूरी तरह से प्रत्याशी प्रवीण सिंह के पक्ष में झुकते नजर आ रहे हैं। चुनाव चिन्ह ‘मोतियों का हार’ (क्रमांक संख्या 4) लेकर मैदान में उतरे प्रवीण सिंह को कल्पनापुरी और आसपास के क्षेत्रों में जनता का जो जनसमर्थन मिल रहा है, उसने विरोधियों की नींद उड़ा दी है। विशेषकर वार्ड की महिलाओं (आधी आबादी) ने जिस तरह से खुलकर प्रवीण सिंह को अपना जनप्रतिनिधि स्वीकार किया है, उससे यह स्पष्ट है कि अब केवल जीत की औपचारिक मुहर लगना बाकी है।

कचरा यार्ड और प्रदूषण से मुक्ति: पहली प्राथमिकता
प्रवीण सिंह ने अपने अभियान के दौरान वार्ड की सबसे दुखती रग—नगर निगम के सामने स्थित कचरा डंपिंग यार्ड—पर सीधी चोट की है। उन्होंने संकल्प लिया कि उनकी पहली प्राथमिकता इस यार्ड को आबादी क्षेत्र से हटाना है। उन्होंने कहा, “जहरीले धुएं और बीमारियों के बीच जी रही जनता को अब और तड़पने नहीं दिया जाएगा।”
वार्ड 23 विकास का ‘संकल्प पत्र’: 11 सूत्री रोडमैप
प्रवीण सिंह ने वार्ड के सर्वांगीण विकास के लिए एक व्यापक विजन साझा किया है:
* हर घर जल और निकासी: कल्पनापुरी, अशोक विहार और श्रीनाथ विलेज जैसे क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल और नालियों का जाल बिछाना।
* सुरक्षा तंत्र: अपराध नियंत्रण हेतु पूरे वार्ड में सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क।
* पर्यावरण संरक्षण: औद्योगिक प्रदूषण और जहरीले पानी के खिलाफ सख्त कानूनी मोर्चा।
* भ्रष्टाचार मुक्त शासन: निगम के कार्यों में पारदर्शिता और जनता के लिए 24 घंटे उपलब्धता।
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”यह चुनाव किसी पद के लिए नहीं, बल्कि वार्ड 23 की गरिमा और कार्य संस्कृति को बदलने के लिए है। माताओं-बहनों का आशीर्वाद और युवाओं का साथ यह बता रहा है कि क्षेत्र अब बदलाव के लिए तैयार है।”
— प्रवीण सिंह, प्रत्याशी
बदलाव की लहर:
जनसंपर्क के दौरान बुजुर्गों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रवीण सिंह की अनुभवी और ईमानदार छवि पर मुहर लगाई है। समर्थकों का मानना है कि प्रवीण सिंह के पास न केवल विजन है, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का साहस भी है। आज के जनसैलाब ने यह संकेत दे दिया है कि वार्ड 23 की जनता एक मॉडल वार्ड बनाने की दिशा में अपना नेता चुन चुकी है।








