आदित्यपुर: औद्योगिक क्षेत्र के कृष्णापुर स्थित एक निजी कंपनी में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब काम के दौरान एक घरेलू गैस सिलेंडर में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देख कंपनी परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

सड़क पर फेंका जलता सिलेंडर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद कंपनी प्रबंधन और कर्मियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बचाव के नाम पर जलते हुए सिलेंडर को कंपनी परिसर से बाहर निकाल कर मुख्य सड़क पर फेंक दिया गया। व्यस्त सड़क पर जलता हुआ सिलेंडर देख वहां से गुजरने वाले राहगीर और स्थानीय लोग भयभीत हो गए। सड़क पर आवागमन कुछ देर के लिए बाधित रहा और लोगों में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टला हादसा
किसी बड़ी अनहोनी की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों ने साहस दिखाया और भारी मशक्कत के बाद आग लगे सिलेंडर को बुझाया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, वरना औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यह आग आसपास की इकाइयों को भी चपेट में ले सकती थी और बड़ा विस्फोट हो सकता था।
नियमों की अनदेखी: अवैध उपयोग पर सवाल
नियमों के अनुसार, किसी भी औद्योगिक संस्थान या फैक्ट्री में घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित और गैरकानूनी है। बावजूद इसके, उक्त कंपनी में धड़ल्ले से कमर्शियल उद्देश्यों के लिए घरेलू सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाए जो चंद पैसों की बचत के लिए मजदूरों और आम जनता की जान जोखिम में डाल रही हैं।








