राजगीर/जमशेदपुर: देशभर के चिकित्सकों की भागीदारी वाले प्रतिष्ठित सम्मेलन में शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सौम्य सेनगुप्ता ने मधुमेह से जुड़ी गंभीर जटिलताओं पर अपना शोध प्रस्तुत कर राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त की।
Clinical Cardio Diabetic Society of India के 10वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 13 से 14 मार्च 2026 को बिहार की ऐतिहासिक नगरी Rajgir में किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा जगत में हो रहे नवीन शोध और खोजों को साझा करना था, ताकि उपचार की प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी और किफायती बनाया जा सके।

राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में देशभर से लगभग 200 से अधिक चिकित्सकों और उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संगोष्ठी के दौरान कार्डियो-डायबिटिक रोगों के उपचार, आधुनिक प्रबंधन और नई चिकित्सा पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वैज्ञानिक सत्रों में हृदय और मधुमेह से संबंधित जटिलताओं के समन्वित उपचार पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
सम्मेलन में डॉ. सौम्य सेनगुप्ता ने मधुमेह रोगियों में होने वाली गंभीर जटिलता Charcot Foot विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह समस्या मधुमेह के मरीजों में अक्सर उपेक्षित रह जाती है, जबकि समय पर पहचान और उचित उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उनके इस शोध और प्रस्तुति को सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों और सहकर्मियों ने काफी सराहा।
इस अवसर पर डॉ. सेनगुप्ता ने कहा कि जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय मंच पर अपने विचार साझा करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक और वैज्ञानिक मंच चिकित्सकों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूत बनाते हैं, जिससे अंततः मरीजों को बेहतर उपचार और सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
http://डॉ सौम्य सेनगुप्ता ने CCDSI एवं ICCMD Metabolic Summit 2025 में किया भारत का प्रतिनिधित्व








