गम्हरिया : बुरुडीह पंचायत के श्रीधरपुर गांव में ओल चिकि लिपि के महान आविष्कारक और संताली समाज के पथ-प्रदर्शक पंडित रघुनाथ मुर्मू की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झामुमो नेता गणेश महाली ने पंडित मुर्मू की आदमकद प्रतिमा का आदिवासी रीति-रिवाज के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर अनावरण किया।

गौरतलब है कि इस प्रतिमा का निर्माण गणेश महाली के विशेष सहयोग से कराया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत में पारंपरिक वेशभूषा में सजी ग्रामीण महिलाओं ने अतिथियों का जोरदार स्वागत किया।
शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान
प्रतिमा अनावरण के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गणेश महाली ने कहा कि ग्रामीणों की लंबे समय से यह मांग थी, जिसे आज पूरा किया गया है। उन्होंने कहा पंडित रघुनाथ मुर्मू ने शिक्षा और लिपि के माध्यम से समाज को नई दिशा और पहचान दी है। उनका योगदान अतुलनीय है और यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों की याद दिलाती रहेगी।”

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
समारोह में अतिथियों के रूप में शंकर सोरेन, सोखेंन हेंब्रम, देव मार्डी, भोजोहरी मार्डी, करन किस्कु, पंचानन टुडू, करिया हेम्ब्रम, अर्जुन मुर्मु, राजेन सोरेन, नायके हेम्ब्रम, लोबोय हेम्ब्रम और मांझी बाबा मधु सोरेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।








