चाईबासा। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से पश्चिमी सिंहभूम में बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। चाईबासा शहर में लगातार हो रही तेज बारिश से कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति गंभीर हो गई है। निचले मोहल्लों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई घरों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
शहर के गांधीटोला, टुंगरी, राजस्थान भवन और गुरुद्वारा रोड सहित कई हिस्सों में पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। गांधीटोला में पानी घुटने तक पहुंच गया। कई मकानों के आंगन और कमरों में पानी घुसने से लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने की जद्दोजहद करनी पड़ी।

ऊपरी टुंगरी में हालात और खराब नजर आए। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा, जिससे इलाके में स्वच्छता और पेयजल को लेकर परेशानी बढ़ गई। बारिश का पानी पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के परिसर, जुबली पार्क, कोल्हान डीआईजी आवास के मुख्य द्वार और जिला मत्स्य कार्यालय तक पहुंच गया।
जुबली तालाब का पानी ओवरफ्लो, वाहन भी डूबे
लगातार बारिश के कारण जुबली तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ा और ओवरफ्लो जैसी स्थिति बन गई। महुलसाई स्थित प्रसिद्ध शिवलिंग भी पानी में डूब गया। शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में डूबे नजर आए।

बारिश के बीच जर्जर मकान भरभराकर गिरा
इसी बीच जेएमपी चौक के पास अमलाटोला में बारिश के कारण एक जर्जर मिट्टी का मकान अचानक ढह गया। मकान गिरने के समय परिवार के चार सदस्य अंदर मौजूद थे और मलबे में दब गए।
हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की तत्परता से चारों लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात रही कि घटना में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी मिलने पर मंगलवार सुबह एसडीओ संजय कुमार, अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार, नगर परिषद उपाध्यक्ष विकास कुमार शर्मा और नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषनी मुर्मू मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावित परिवार से जानकारी ली।
धर्मशाला में शिफ्ट किया गया प्रभावित परिवार
मकान गिरने के बाद बेघर हुए परिवार को प्रशासन की मदद से पास की धर्मशाला में ठहराया गया है। परिवार के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने निचले इलाकों और कमजोर मकानों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि जलजमाव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें।







