चाईबासा: तांबो चौक से डीसी ऑफिस तक अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त, 24 घंटे में हटाने का नोटिस

चाईबासा में तांबो चौक से डीसी ऑफिस के बीच अतिक्रमण

चाईबासा। तांबो चौक से जिला उपायुक्त कार्यालय तक बाइपास सड़क के किनारे सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सड़क किनारे सरकारी भूमि पर कब्जा कर होटल, दुकान और अन्य कारोबार संचालित करने वालों को सदर अंचल कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस के बाद संबंधित व्यवसायियों में हड़कंप की स्थिति है।

Adityapur: आदित्यपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हंगामा, प्रभात पार्क के पास 10-15 अवैध दुकानों पर चला नगर निगम का बुलडोजर

प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है। साथ ही कार्रवाई में होने वाले खर्च की वसूली संबंधित अतिक्रमणकारी से किए जाने की बात कही गई है।

सड़क के किनारे बना दिए गए स्थायी ढांचे

प्रशासन के अनुसार तांबो चौक से डीसी ऑफिस के बीच बाइपास सड़क के किनारे कई स्थानों पर सरकारी जमीन का इस्तेमाल कर अस्थायी से लेकर स्थायी प्रकृति के ढांचे खड़े कर दिए गए हैं। कई जगहों पर टीन शेड लगाने के साथ जमीन पर पक्का फर्श तैयार किया गया है।

इन निर्माणों के कारण सड़क और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बीच काफी कम जगह बची है। कई स्थानों पर ग्राहकों द्वारा सड़क के किनारे ही वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ सड़क दुर्घटना की आशंका भी बढ़ रही है।

प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे किए गए ऐसे अतिक्रमण को हटाना यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए जरूरी है।

200 से 1000 वर्गफीट तक सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप

अंचल कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार कुछ स्थानों पर अतिक्रमण का दायरा करीब 200 से 1000 वर्गफीट तक बताया गया है। कई जगहों पर टीन शेड और पक्के फर्श के जरिए सरकारी भूमि का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर दुकाननुमा संरचना तैयार करने के बाद उसे दूसरे व्यवसायियों को किराये पर भी दे रखा है। प्रशासन अब ऐसे सभी मामलों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटा है।

कई वर्षों से चल रहा था कारोबार

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार सड़क किनारे बने इन प्रतिष्ठानों में कुछ व्यवसायी पिछले चार-पांच वर्षों से कारोबार कर रहे हैं। इनमें होटल और अन्य छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होने के बाद कारोबारियों के बीच अब आगे की स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।

नोटिस के बाद भी कई जगह अतिक्रमण बरकरार

अंचल कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद खबर लिखे जाने तक कई स्थानों पर अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है और व्यावसायिक गतिविधियां भी जारी हैं। बताया जा रहा है कि कई कारोबारी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रखे हुए हैं।

अब देखना होगा कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए किस स्तर की कार्रवाई करता है।

http://Adityapur: आदित्यपुर अतिक्रमण अभियान: चंपाई सोरेन के हस्तक्षेप से कहीं राहत, तो कहीं जारी रहेगा निगम का डंडा, कार्रवाई में हुआ बदलाव

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *