सरायकेला-खरसावां: गम्हरिया स्थित झारखंड राज्य खाद्य निगम के गोदाम में हुए भीषण अग्निकांड का मामला अधर में दिखता पकड़ता जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी, लेकिन घटना के इतने समय बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फाइलों में घूम रहा मामला, प्रगति रिपोर्ट अब तक अप्राप्त
सामाजिक सह आरटीआई कार्यकर्ता रवीन्द्र घोष द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड सरकार के अवर सचिव-सह-जन सूचना पदाधिकारी द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, मामले में स्थानीय थाने में प्राथमिकी तो दर्ज की गई है, लेकिन विभाग द्वारा उपायुक्त (सरायकेला-खरसावां) से मांगी गई जांच की विस्तृत ‘प्रगति रिपोर्ट’ अब तक अप्राप्त है। विभाग की ओर से रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद रिपोर्ट का न आना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

CBI जांच की उठी मांग
स्थानीय स्तर पर आरोप लग रहे हैं कि दो-दो जिंदगियों के खाक होने के बावजूद मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह गंभीर प्रकरण अब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), झारखंड के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED) के संज्ञान में भी लाया जा चुका है। राष्ट्रपति कार्यालय के निर्देश और मुख्य सचिव के पत्राचार के बाद भी जिले स्तर पर जांच की गति बेहद धीमी बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जहां अन्य आपराधिक मामलों में प्रशासन तत्परता दिखाता है, वहीं दो मौतों वाले इस बड़े अग्निकांड पर रहस्यमयी चुप्पी साध रखी गई है। निष्पक्ष जाँच के लिए अब इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग जोर पकड़ रही है।








