इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना
Jamshedpur (जमशेदपुर) : झारखंड स्थित अरका जैन यूनिवर्सिटी (एजेयू) के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) को भारत सरकार से विशेष सम्मान मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल की ओर से एजेयू को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है, जो विश्वविद्यालय परिवार समेत शहर और पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान शैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान एजेयू के आईआईसी द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया है। मंत्रालय ने एजेयू कैंपस में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना की है। इस राष्ट्रीय उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार में गौरव और उत्साह का माहौल है।
शिक्षा मंत्रालय के सहायक इनोवेशन निदेशक दीपन कुमार साहू ने यह प्रशंसा पत्र जारी किया है। पत्र का मजमून यह बताता है कि यह सम्मान विश्वविद्यालय में नवाचार आधारित शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के प्रयासों को दर्शाता है। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों और शिक्षकों को लगातार रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जा रहा है। उन्हें उद्यमशील गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है। पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि नवाचार और उद्यमिता के अनुकूल माहौल बनाने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। साथ ही दूसरे आईआईसी संस्थानों के सहयोग और नेटवर्क विस्तार में भी विश्वविद्यालय के योगदान को सराहा गया है।
शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल ने काउंसिल के सभी प्रमुख पदाधिकारियों और सदस्यों के योगदान की प्रशंसा की है। मंत्रालय ने सदस्यों को गुणवत्ता आधारित नवाचार एवं उद्यमिता प्रणाली को और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया है। पत्र में कहा गया है कि आईआईसी का अनूठा ढांचा उच्च शिक्षण संस्थानों के विचारों और लक्ष्यों को व्यवस्थित दिशा देता है। इसके माध्यम से समावेशी और समग्र विकास के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल रही है। काउंसिल के सदस्यों को इसी समर्पण के साथ आगे भी कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया है।
मंत्रालय की ओर से जारी प्रशंसा पत्र में सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित कैंपस के प्रमुख पदाधिकारियों का विशेष उल्लेख किया गया है। इसमें एजेयू के निदेशक सह कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व की सराहना की गई है। वहीं आईआईसी अध्यक्ष डॉ. अश्विनी कुमार और संयोजक डॉ. अनूप कुमार की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। इसके अलावा इनोवेशन एक्टिविटी के लिए डॉ. अमित प्रकाश सेन और स्टार्टअप एक्टिविटी को-ऑर्डिनेटर तानिया घोष के योगदान को सराहा गया है। इन सभी के संयुक्त प्रयास से कैंपस में स्टार्टअप और नए विचारों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है।
काउंसिल की विभिन्न इकाइयों के समन्वयकों ने भी इस उपलब्धि में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है। इंटर्नशिप एक्टिविटी को-ऑर्डिनेटर मुकेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। वहीं, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) एक्टिविटी को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी डॉ. बिनोद कुमार चौधरी ने बखूबी संभाली है। आरडी सेल को-ऑर्डिनेटर के रूप में डॉ. सुरजीत पॉल और सोशल मीडिया समन्वयक के तौर पर डॉ. चंद्रप्रभा साहू का योगदान भी सराहनीय रहा है। पूरी टीम के बेहतर तालमेल से विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है।
अरका जैन यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कहा है कि संस्थान विद्यार्थियों में नवाचार की सोच विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं में स्टार्टअप और उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की समझ को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इंटर्नशिप के माध्यम से छात्र-छात्राओं को उद्योग जगत का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय से मिला यह प्रशंसा पत्र विश्वविद्यालय के इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। इससे परिसर में नवाचार केंद्रित शैक्षणिक संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने की प्रेरणा मिलेगी।








