आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है। अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित वार्ड संख्या 24 के प्रत्याशी अभि मुखी का नामांकन रद्द किए जाने के बाद मामला अब रांची हाईकोर्ट पहुँच गया है। अभि मुखी ने निर्वाचन पदाधिकारी के निर्णय के खिलाफ रिट पिटीशन दायर की है।
मामला और तकनीकी पेच:
अभि मुखी ने प्रेस वार्ता में बताया कि उनका पहला पुत्र वर्ष 2007 में हुआ था और वर्ष 2023 में उन्हें जुड़वा बेटियाँ हुईं। वार्ड 24 के निर्वाचन पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने इसे नगर निकाय चुनाव के तीन बच्चों वाले नियम का उल्लंघन बताते हुए नामांकन रद्द कर दिया।

अलग-अलग अधिकारियों के अलग निर्णय पर आपत्ति:
इस मामले में सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब अभि मुखी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि मेयर पद के लिए नियुक्त निर्वाचन पदाधिकारी ने इसी जिले में मेयर प्रत्याशी भुगलु सोरेन के मामले में (जहां उनके भी जुड़वा बच्चे हैं) नामांकन को वैध करार दिया है। अभि मुखी का कहना है कि जब जिला एक है और नियम एक हैं, तो वार्ड के निर्वाचन पदाधिकारी और मेयर पद के निर्वाचन पदाधिकारी के निर्णय अलग-अलग कैसे हो सकते हैं? यह न्यायोचित नहीं है।
वकील का पक्ष और कानूनी मिसाल:
प्रत्याशी के वकील पुलक कुमार सेठी ने निर्वाचन आयोग और उपायुक्त को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘जावेद बनाम हरियाणा (2003)’ मामले का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट है कि निकाय चुनाव के नियमों के तहत बाद में होने वाले जुड़वा बच्चों को एक ही इकाई माना जाएगा। वकील ने कहा कि सरायकेला जिले में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा एक ही परिस्थिति में अलग-अलग फैसले लेना अचंभित करने वाला है। इस अवसर पर संजय कोयल, विक्रम मुखी और अक्षय मुखी भी मौजूद थे।








