Adityapur (आदित्यपुर) : सामाजिक संगठन जन कल्याण मोर्चा, आदित्यपुर का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सीतारामपुर जलाशय स्थित निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति का औचक निरीक्षण करने पहुँचा। टीम में मोर्चा के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश, कार्यकारी अध्यक्षा शारदा देवी, तथा मदन सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि सरायकेला-खरसावां जिला के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा 19 जुलाई 2025 को स्थल निरीक्षण के बाद कार्य में उल्लेखनीय तेजी देखी जा रही है।JUIDCO अधिकारियों ने पूर्व में आश्वासन दिया था कि दिसंबर 2025 तक सीतारामपुर डैम स्थित 30 MLD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से जलापूर्ति शुरू हो जाएगी। वर्तमान प्रगति को देखते हुए यह लक्ष्य संभव प्रतीत हो रहा है, हालांकि जिंदल कंपनी द्वारा मैनपावर बढ़ाना आवश्यक बताया गया।
स्थानीय प्रोजेक्ट मैनेजर नयन मोदक के अनुसार आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में कुल 11 पानी टंकियों का निर्माण होना है। इनमें से 7 टंकियां तैयार, जबकि दो निर्माणाधीन हैं, जो एक माह में पूर्ण हो जाएंगी। एक टंकी का काम फॉरेस्ट क्लियरेंस लंबित रहने के कारण शुरू नहीं हो सका है, परंतु अनुमति जल्द मिलने की उम्मीद जताई गई।
संगठन को सापड़ा में निर्माणाधीन 60 MLD वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की अद्यतन जानकारी भी दी गई। अधिकारियों के अनुसार यह प्लांट मार्च 2026 तक पूर्ण रूप से तैयार हो सकेगा। 33 KVA ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए आवश्यक वनभूमि की अनुमति इसमें प्रमुख बाधा बनी हुई है, जिसका NOC मिलने की संभावना जताई गई।
गौरतलब है कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में लगभग 395 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़े वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट—एक सापड़ा (60 MLD) और दूसरा सीतारामपुर (30 MLD)—का निर्माण होना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 50 हजार परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
टेंडर शर्तों के अनुसार यह कार्य 4 दिसंबर 2018 से प्रारंभ होकर 3 दिसंबर 2021 तक पूरा होना था, लेकिन 2022 तक भी कार्य शुरू नहीं हो सका था। अब योजनाएं गति पकड़ती दिख रही हैं।