आदित्यपुर। आदित्यपुर नगर निगम में जन समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासनिक संजीदगी की पोल उस वक्त खुल गई, जब खुद मेयर ने एक आम नागरिक बनकर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया। यह औचक पड़ताल न केवल चौंकाने वाली रही, बल्कि इसने निगम के भीतर व्याप्त लापरवाही को भी उजागर कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, स्थानीय निवासियों ने मेयर और डिप्टी मेयर से शिकायत की थी कि नगर विकास विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर (097714 19506) पर कोई सुनवाई नहीं होती। शिकायतों की हकीकत जानने के लिए मंगलवार को मेयर ने खुद अपने मोबाइल से हेल्पलाइन नंबर मिलाया। फोन किसी जिम्मेदार अधिकारी या क्लर्क ने नहीं, बल्कि बिल्डिंग की सुरक्षा में तैनात एक गार्ड ने उठाया।

बिना पता पूछे ही कर दिया इनकार
जैसे ही मेयर ने सफाई से जुड़ी समस्या बतानी चाही, दूसरी तरफ से गार्ड ने सीधे शब्दों में कह दिया, “आज सफाई नहीं हो पाएगी।” यह सुनकर मेयर दंग रह गए। उन्होंने जब गार्ड से टोका कि आपने न तो नाम पूछा और न ही इलाका, तो फिर मना कैसे कर दिया? इस पर गार्ड निरुत्तर हो गया। नियमतः इस नंबर को 24 घंटे सक्रिय रहना चाहिए और संबंधित कर्मियों को शिकायत दर्ज कर समाधान सुनिश्चित करना होता है।
अधिकारियों को जांच के सख्त निर्देश
इस घटनाक्रम के बाद मेयर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उप नगर आयुक्त पारुल सिंह को मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। निगम प्रशासन से पिछले कुछ समय की शिकायतों का पूरा डेटा, कॉल रिकॉर्ड और उन पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है।
जनता को अब सुधार की उम्मीद
विदित हो कि वर्ष 2023 के बाद से निर्वाचित प्रतिनिधियों के अभाव में प्रशासनिक कार्य अधिकारियों के जिम्मे थे। अब नई व्यवस्था और मेयर की इस सक्रियता के बाद आदित्यपुर की जनता को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं को कूड़ेदान में डालने के बजाय उनका समय पर निस्तारण होगा।








