आदित्यपुर: नगर निगम चुनावों की तपिश के बीच भाजपा समर्थित महापौर उम्मीदवार संजय सरदार ने जनसंपर्क अभियान के जरिए अपनी दावेदारी को मजबूती से पेश किया है। सोमवार को वार्डों के भ्रमण के दौरान समर्थकों के भारी हुजूम ने यह संकेत दे दिया कि आगामी मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। फूलों की वर्षा और नारों के बीच संजय सरदार ने जनता से सीधे संवाद कर उनका समर्थन मांगा।

आदित्यपुर का ‘कायाकल्प’: क्या है संजय का मास्टरप्लान?
चुनावी शोर के बीच संजय सरदार ने केवल भाषण नहीं, बल्कि 17 बिंदुओं का एक विस्तृत ‘संकल्प पत्र’ जारी किया है। उनका दावा है कि यह दस्तावेज़ आदित्यपुर की दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान बनेगा। उनके रोडमैप की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
* सुलभ प्रशासन: होल्डिंग म्यूटेशन की जटिलता को खत्म कर पूरे निगम को ‘डिजिटल स्मार्ट’ फ्रेमवर्क पर लाना।
* बुनियादी ढांचा: अंतरराष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल स्टेडियम, भव्य ऑडिटोरियम और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने हेतु सुव्यवस्थित सड़कें।
* जल व पर्यावरण: खड़काई नदी के जल का सही प्रबंधन और ‘हरित आदित्यपुर’ के तहत सघन वृक्षारोपण।
* सुरक्षा व आस्था: महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय और धार्मिक स्थलों के आसपास बुनियादी सुविधाओं का सौंदर्यीकरण।
”मेरा लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि आदित्यपुर को राज्य का सबसे आधुनिक और सुव्यवस्थित नगर निगम बनाना है। यह 17 संकल्प मेरी प्रतिबद्धता हैं।” — संजय सरदार, महापौर प्रत्याशी

कार्यकर्ताओं में जोश, विरोधियों की बढ़ी धड़कनें
संजय सरदार के इस आक्रामक चुनाव प्रचार और विजनरी संकल्प पत्र ने भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है। स्थानीय लोगों के बीच उनके बढ़ते जनाधार को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक इसे एक प्रभावी बढ़त मान रहे हैं। अब देखना यह है कि जनता इन 17 वादों पर कितना भरोसा जताती है।








