वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और जमशेदपुर में ही ईलाजरत थे। सामाजिक कार्यों में सक्रिय और युवाओं के लिए प्रेरणा-स्रोत रहे वर्मा के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पार्वती घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अनिल वर्मा का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने अपने पिता के साथ रोड नंबर 7 मार्केट में एक छोटी सी बिजली दुकान से कार्य की शुरुआत की। कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने कुणाल मेडिकल की स्थापना की और अपने दोनों पुत्रों — कुणाल वर्मा और केतन वर्मा — को डॉक्टर बनाकर समाज सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया।।सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में वर्मा की भूमिका हमेशा अग्रणी रही। उनका जीवन संघर्ष की एक खुली किताब माना जाता है, जो आज के युवाओं को प्रेरित करता है।
उनके निधन पर आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। इसके अलावा आदित्यपुर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश, भाजपा नेता सतीश शर्मा, कांग्रेस नेता सुरेश धारी, तथा परिमल संस्था के सदस्यों सहित कई सामाजिक संगठनों ने शोक संवेदना प्रकट की है।