चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): आजसू पार्टी ने राष्ट्रपति के अपमान का विरोध करते हुए पश्चिम बंगाल में हुई घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी के पश्चिमी सिंहभूम जिला कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत गिरी और अन्य कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लोकतांत्रिक मर्यादाओं तथा संवैधानिक अधिकारों की उपेक्षा बताया है।
सुजीत गिरी ने कहा कि भारत के महामहिम राष्ट्रपति का पश्चिम बंगाल में आयोजित संथाली अधिवेशन में शामिल होने का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। लेकिन राज्य सरकार द्वारा अंतिम समय में कार्यक्रम स्थल में बदलाव कर दिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आगमन के समय न तो राज्य की मुख्यमंत्री और न ही उनकी ओर से कोई अधिकृत मंत्री एयरपोर्ट या कार्यक्रम स्थल पर उनकी अगवानी के लिए उपस्थित हुआ।
उन्होंने इसे राजनीतिक सोच से प्रेरित कदम बताते हुए कहा कि यह व्यवहार संवैधानिक परंपराओं और स्थापित प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन है। सुजीत गिरी ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति देश की एकता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक होते हैं। ऐसे पद के प्रति सम्मान प्रकट करना हर राज्य सरकार का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार का यह रवैया न केवल असंवेदनशील है, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं के भी विपरीत है। इससे देश की संवैधानिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
आजसू पार्टी सिंहभूम जिला इकाई ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान बनाए रखना सभी सरकारों की जिम्मेदारी है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और संवैधानिक पदों की गरिमा को बनाए रखा जाए।







