सारंडा जंगल में CRPF जवानों पर मधुमक्खियों का हमला, सर्च ऑपरेशन के दौरान IED भी बरामद

Chaibasa (चाईबासा) :  झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा के घने जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को हर पल खतरे का सामना करना पड़ता है। यहां जवानों के लिए चुनौती सिर्फ नक्सली और उनके द्वारा लगाए गए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ही नहीं, बल्कि जंगल का कठिन भूगोल, जहरीले जीव-जंतु, मच्छर और जंगली मधुमक्खियां भी बड़ी परेशानी बन जाती हैं। बुधवार को ऐसे ही एक अभियान के दौरान सीआरपीएफ के जवान मधुमक्खियों के हमले का शिकार हो गए।

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जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ की 174 बटालियन के जवान नियमित सर्च ऑपरेशन पर निकले थे। जवान सारंडा के अंदरूनी इलाके में गश्त करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तभी अचानक जंगल में मौजूद मधुमक्खियों के बड़े झुंड ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से जवानों में अफरा-तफरी मच गई।

सारंडा में IED

मधुमक्खियों के हमले में जवान दिगंबर डे घायल हो गए। उनके शरीर पर कई जगह मधुमक्खियों ने डंक मार दिए, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और प्राथमिक उपचार दिया। बाद में बेहतर इलाज के लिए ओडिशा के बिसरा स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार जवान की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना के बाद भी सुरक्षा बलों ने अभियान नहीं रोका और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा। इसी दौरान जवानों को एक और बड़ा खतरा दिखाई दिया। बरकेला कैंप से करीब चार किलोमीटर दूर एक पुलिया के पास नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया IED बरामद किया गया। जवानों की सतर्कता से समय रहते विस्फोटक की पहचान कर ली गई, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

 

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से IED लगाया था। बम निरोधक दस्ते की मदद से इलाके को सुरक्षित किया गया और विस्फोटक को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सारंडा का जंगल लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। घने जंगल और दुर्गम रास्तों के कारण यहां अभियान चलाना सुरक्षा बलों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार नक्सली जंगल और प्राकृतिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जवान आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि अन्य विस्फोटक या संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

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