Bokaro Elephant Attack: 3 दिनों में 5 मौतों से भड़के ग्रामीण, रेंजर सहित वनकर्मियों को बनाया बंधक

बोकारो Elephant Attack

बोकारो (Bokaro): Bokaro Elephant Attack के बाद गोमिया क्षेत्र में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जंगली हाथियों के हमले में बीते तीन दिनों के अंदर एक चार वर्षीय बच्चे सहित पांच लोगों की मौत हो जाने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को बंधक बना लिया।

Elephant Attack in Chandil: जंगली हाथी का तांडव, लेटेमदा में ग्रामीण की कुचलकर दर्दनाक मौत

रेंजर सहित वनकर्मी बनाए गए बंधक

घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे गोमिया क्षेत्र के रेंजर को ग्रामीणों ने रोक लिया और अपने साथ बैठाए रखा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि ग्रामीण वन विभाग की गाड़ियों में आग लगाने की भी बात कर रहे थे।

अवैध उत्खनन पर उठे सवाल

JLKM की पूर्व प्रत्याशी पूजा महतो ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जंगलों में अवैध उत्खनन और अवैध कटाई के कारण वन क्षेत्र सिमट रहा है, जिससे जंगली जानवर गांवों की ओर आ रहे हैं।

लगातार तीसरे दिन हाथियों का हमला

Bokaro Elephant Attack की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे महुआ टॉड थाना क्षेत्र के गांगपुर गांव में हाथी ने बड़ा हमला किया।

दादा-पोते की दर्दनाक मौत

हमले में 50 वर्षीय सोमर साव और उनके 4 वर्षीय पोते अमन कुमार की कुचलकर मौत हो गई। तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार हाथी अचानक गांव में घुस आया और घर के पास मौजूद लोगों पर हमला कर दिया।

घरों में घुसकर कर रहे हमले

ग्रामीणों का कहना है कि हाल की अधिकांश मौतें घर के भीतर या घर के पास हुई हैं। ऐसे में लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल है — अब सुरक्षित रहें तो कहां रहें?

वन विभाग का बयान

बोकारो रेंजर बटुकेश्वर पासवान ने कहा कि विभाग की क्यूआर टीम लगातार हाथियों को भगाने में लगी है।

मुआवजा प्रावधान

  • मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख

  • तत्काल सहायता ₹25,000

  • घायलों को ₹25,000 + इलाज खर्च

ग्रामीणों की मुख्य मांगें

Bokaro Elephant Attack के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं:

  • पीड़ित परिवारों को तत्काल पूर्ण मुआवजा

  • स्थायी सुरक्षा व्यवस्था

  • हाथियों से बचाव की ठोस योजना

  • वन क्षेत्र में अवैध कटाई पर रोक

दहशत और आक्रोश का माहौल

लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ठोस निर्णय और स्पष्ट नीति नहीं बनती, आंदोलन जारी रहेगा।

http://Saraikela Elephant Attack: राजनगर में जंगली हाथी का तांडव , हाथी के हमले में एक की मौत, दो घायल, क्षेत्र में घूम रहे हाथी, ग्रामीण दहशत में

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