चाईबासा: चाईबासा कांग्रेस सामूहिक इस्तीफा ने पश्चिमी सिंहभूम जिला कांग्रेस संगठन में हलचल मचा दी है। कांग्रेस भवन चाईबासा में आयोजित घटनाक्रम के तहत नगर कांग्रेस कमेटी ने बगावती रुख अपनाते हुए सामूहिक रूप से अपने पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
यह घटनाक्रम 08 फरवरी 2026 को सामने आया, जिसने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
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नगर अध्यक्ष निलंबन बना विवाद की जड़ – चाईबासा कांग्रेस सामूहिक इस्तीफा
चाईबासा कांग्रेस सामूहिक इस्तीफा की मुख्य वजह नगर अध्यक्ष मो. सलीम का निलंबन बताया जा रहा है। पदाधिकारियों का आरोप है कि पार्टी नेतृत्व ने जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज करते हुए यह फैसला लिया।
साथ ही, नगर अध्यक्ष के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को प्रत्याशी घोषित किए जाने से असंतोष और बढ़ गया।
सामूहिक इस्तीफा देने वालों में प्रमुख पदाधिकारी शामिल
इस्तीफा देने वालों में:
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नगर उपाध्यक्ष
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महासचिव
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कई वार्ड अध्यक्ष
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दर्जनों सक्रिय कार्यकर्ता
शामिल बताए जा रहे हैं। सभी ने संयुक्त रूप से जिला अध्यक्ष रंजन बोइपाई के नाम इस्तीफा सौंपा, जिसे कार्यालय सचिव सुशील दास को जमा किया गया।
कार्यकर्ताओं का आरोप – जमीनी हकीकत से दूर नेतृत्व
चाईबासा कांग्रेस सामूहिक इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा:
“पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जमीन स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया है। जब हमारी राय का कोई मोल नहीं, तो हम इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं रह सकते।”
कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से संगठन को मजबूत करने में लगे समर्पित कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है।
चुनावी समीकरण पर असर
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चाईबासा कांग्रेस सामूहिक इस्तीफा का सीधा असर आगामी नगर निकाय चुनाव पर पड़ सकता है। संगठनात्मक कमजोरी विपक्षी दलों को लाभ पहुँचा सकती है।
स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की चुनावी तैयारियों को भी इससे झटका लगने की संभावना जताई जा रही है।
संगठन की मजबूती पर प्रश्नचिन्ह
नगर कमेटी के सामूहिक इस्तीफे को संगठनात्मक संकट के रूप में देखा जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर जिला कांग्रेस की एकजुटता पर भी पड़ सकता है।
राजनीतिक हलकों में तेज चर्चा
चाईबासा कांग्रेस सामूहिक इस्तीफा के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सबकी निगाहें जिला और प्रदेश नेतृत्व की अगली रणनीति पर टिकी हैं।










