Chaibasa (चाईबासा) : चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी को लेकर मंगलवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया के तहत आज अध्यक्ष पद के 11 उम्मीदवारों तथा 21 वार्डों से चुनाव लड़ रहे लगभग 106–107 वार्ड पार्षद प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी।
इसे चुनावी रण का पहला निर्णायक पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि इसी प्रक्रिया के बाद तय होगा कि कौन प्रत्याशी चुनाव मैदान में बना रहेगा और किसका नामांकन रद्द हो जाएगा।
नामांकन के बाद अब स्क्रूटनी पर टिकी उम्मीदें
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी प्रत्याशियों की निगाहें चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी पर टिकी हैं।
दस्तावेजों की होगी गहन जांच
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच में शामिल होंगे:
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शपथ पत्र
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आपराधिक विवरण
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आय-व्यय जानकारी
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जाति/आरक्षण प्रमाणपत्र (जहां लागू)
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प्रस्तावक दस्तावेज
किसी भी प्रकार की तकनीकी या कानूनी त्रुटि पाए जाने पर नामांकन रद्द किया जा सकता है।
प्रत्याशियों में उत्सुकता और बेचैनी
कई उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार, जनसंपर्क और संसाधनों पर पहले ही भारी निवेश कर दिया है।
ऐसे में चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी में नामांकन रद्द होना उनके लिए बड़ा राजनीतिक और आर्थिक झटका साबित हो सकता है।
हालांकि कई प्रत्याशियों का दावा है कि उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और उन्हें किसी आपत्ति की आशंका नहीं है।
गैर-दलीय चुनाव में दलीय छाया
नगर निकाय चुनाव औपचारिक रूप से गैर-दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दलों का अप्रत्यक्ष प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है।
अध्यक्ष पद पर दलीय समर्थन की चर्चा
सूत्रों के अनुसार:
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रमेश खिरवाल उर्फ लड्डू – भाजपा समर्थित माने जा रहे
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नितिन प्रकाश – झामुमो समर्थित बताए जा रहे
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राधा मोहन बनर्जी – कांग्रेस समर्थित चर्चा में
यह समीकरण चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी को और दिलचस्प बना रहा है।
निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में मजबूत
दलगत समर्थन के बीच निर्दलीय उम्मीदवार भी मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।
चर्चा में ये नाम
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सुनील प्रसाद साव
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देवी शंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता
दोनों उम्मीदवारों ने जमीनी स्तर पर संपर्क अभियान तेज कर रखा है और समर्थकों का आधार मजबूत करने में जुटे हैं।
वार्ड पार्षद चुनाव में कांटे की टक्कर
सिर्फ अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि 21 वार्डों के चुनाव भी बेहद रोचक माने जा रहे हैं।
लगभग 106 से अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं और कई वार्डों में सीधी व कड़ी टक्कर बताई जा रही है।
चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी।
स्क्रूटनी क्यों है निर्णायक?
स्क्रूटनी को चुनाव प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक चरण माना जाता है।
इसके प्रमुख कारण
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अपात्र उम्मीदवार बाहर हो जाते हैं
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फर्जी दस्तावेजों की पहचान होती है
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कानूनी पारदर्शिता सुनिश्चित होती है
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अंतिम प्रत्याशी सूची तय होती है
शहर की निगाहें परिणाम पर
पूरा शहर चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी के परिणाम का इंतजार कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि:
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कई बड़े नामों की परीक्षा है
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दलीय बनाम निर्दलीय समीकरण स्पष्ट होंगे
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चुनावी मुकाबले की असली तस्वीर सामने आएगी
निष्कर्ष
कुल मिलाकर चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी चुनाव की दिशा और दशा तय करने वाला चरण साबित होगा।
आज की जांच प्रक्रिया यह निर्धारित करेगी कि:
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कौन मैदान में बना रहेगा
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किसकी उम्मीदों पर विराम लगेगा
अब सबकी निगाहें स्क्रूटनी के अंतिम परिणाम पर टिकी हैं।








