चाईबासा, संवाददाता: प्राकृतिक पर्व सरहुल पूजा 2026 का शुभारंभ पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा में हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। आदिवासी उरांव सरहुल पूजा समिति के तत्वावधान में मेरी टोला में पूजा कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए और प्रकृति के इस महापर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया।
सरहुल पूजा चाईबासा : 21 मार्च को निकलेगी बाइक रैली और भव्य शोभायात्रा

सरहुल पूजा आदिवासी समाज का प्रमुख त्योहार है, जिसमें धरती माता, जंगल और प्रकृति की पूजा की जाती है। मेरी टोला स्थित सरना स्थल पर पुजारी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई और गांव की खुशहाली, समृद्धि एवं अच्छी फसल के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियों ने मांदर और नगाड़े की थाप पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो गया।
वहीं, चाईबासा पुलिस लाइन में भी सरहुल पर्व का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कोल्हान क्षेत्र के डीआईजी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सरहुल पूजा में भाग लेकर आदिवासी संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सरहुल पर्व के महत्व को बताते हुए कहा कि यह त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता बनाए रखने की अपील भी की।
आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। समिति के सदस्यों और प्रशासन के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कुल मिलाकर, चाईबासा में सरहुल पूजा 2026 की शुरुआत पारंपरिक आस्था, सांस्कृतिक रंग और सामाजिक एकता के साथ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया।
http://आदिवासी उरांव सरहुल पूजा समिति के शोभायात्रा कार्यक्रम में शामिल हुई सांसद गीता कोड़ा








