चाईबासा : आगामी नगर निकाय चुनाव (23 फरवरी 2026) को लेकर दिव्यांग मतदाताओं के लिए वैकल्पिक मतदान व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। दिव्यांग, अत्यंत वृद्ध तथा चलने-फिरने में असमर्थ मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने राज्य निर्वाचन आयोग से विशेष व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया है।
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निर्वाचन आयोग को भेजा गया पत्र
इस संबंध में विप्लव कुमार ने झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि ऐसे मतदाताओं के लिए होम वोटिंग अथवा पोस्टल बैलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाता शारीरिक अक्षमता, गंभीर बीमारी या अत्यधिक वृद्धावस्था के कारण मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते।
मताधिकार से वंचित होने का खतरा
पत्र में उल्लेख किया गया है कि यदि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो कई पात्र मतदाता अपने संवैधानिक मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध होगा।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए वैकल्पिक मतदान व्यवस्था लागू होने से चुनाव अधिक समावेशी बन सकेगा।
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
विप्लव कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग तथा विभिन्न राज्य निर्वाचन आयोगों द्वारा पूर्व में भी दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए विशेष मतदान व्यवस्थाओं के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसी आधार पर झारखंड में भी इन प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई है।
तीन प्रमुख मांगें
1. होम वोटिंग / पोस्टल बैलेट
चलने-फिरने में असमर्थ, दिव्यांग व अत्यंत वृद्ध मतदाताओं को घर से मतदान की सुविधा दी जाए।
2. विशेष मतदान दल
प्रत्येक नगर निकाय क्षेत्र में विशेष टीम गठित कर ऐसे मतदाताओं तक मतदान सुविधा पहुंचाई जाए।
3. सरल आवेदन प्रक्रिया
पात्र मतदाताओं के लिए पारदर्शी, सरल और समयबद्ध आवेदन व्यवस्था बनाई जाए।
लोकतंत्र को होगा लाभ
उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए वैकल्पिक मतदान व्यवस्था लागू होने से:
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मतदान प्रतिशत बढ़ेगा
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चुनाव प्रक्रिया समावेशी बनेगी
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संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होगी
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