मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर चाईबासा में सियासी और छात्र संगठनों में उबाल देखने को मिला है। झींंकपानी प्रखंड के कैलेंडे गांव के पास स्थित टेक्नो इंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले 20 वर्षीय छात्र विक्रम टुडू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एनएसयूआई ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
छात्र की मौत से मचा हड़कंप
मृतक छात्र विक्रम टुडू धनबाद का निवासी था और टेक्नो इंडिया इंजीनियरिंग कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र था। मंगलवार को युवा दिवस के अवसर पर कॉलेज परिसर में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसी दौरान विक्रम टुडू ने एक हजार मीटर दौड़ स्पर्धा में भाग लिया।
दौड़ के दौरान वह अचानक गिर पड़ा और बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल सदर अस्पताल, चाईबासा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार छात्र की मौत हृदय गति रुकने से हुई।
कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप
घटना के बाद मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा देने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने इस मामले को कॉलेज प्रबंधन की घोर लापरवाही करार दिया है।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीष गोप ने कहा कि बिना किसी पूर्व शारीरिक जांच के छात्र को एक हजार मीटर दौड़ प्रतियोगिता में शामिल होने की अनुमति देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर छात्रों को कठिन शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने दिया गया।
चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि खेल प्रतियोगिता के दौरान न तो कोई चिकित्सीय दल मौजूद था और न ही किसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। यदि समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होती, तो शायद छात्र की जान बचाई जा सकती थी।
इस लापरवाही के कारण आज मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा की मांग उठ रही है और कॉलेज प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
बुधवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में आयोजित प्रेस वार्ता में एनएसयूआई ने जिला प्रशासन, पश्चिमी सिंहभूम से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
अनीष गोप ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिजन अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद में कॉलेज भेजते हैं, लेकिन लापरवाही के कारण किसी छात्र की मौत होना अत्यंत दुखद और अस्वीकार्य है।
आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज प्रबंधन द्वारा मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया गया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
उन्होंने कहा कि मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा देना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि संस्थान की नैतिक जिम्मेदारी भी है।
मौके पर मौजूद रहे ये नेता
इस अवसर पर कांग्रेस के जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, सचिव जगदीश सुंडी, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, उपाध्यक्ष मो. एहसान, महासचिव मो. जाबिर, वरीय कांग्रेसी संतोष सिन्हा, राकेश सिंह, राजेन्द्र कच्छप, प्रताप पुरती, संजय साव, मो. शाहिद सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा जरूरी
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। खेल प्रतियोगिताओं से पहले स्वास्थ्य जांच, मेडिकल टीम की मौजूदगी और आपातकालीन सुविधाएं अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी छात्र की जान न जाए और मृत छात्र के परिजनों को मुआवजा जैसी मांगें न उठें।


