मतकमहातु में दो वर्षों में ही अनुपयोगी हुआ डीएमएफटी सोलर जलमीनार, ढाई महीने से जलापूर्ति बाधित रहने से चार दर्जन घरों में गहराया पेयजल संकट

Chaibasa :- कहने को तो मतकमहातु पंचायत चाईबासा शहर से सटी हुई है, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां बहुत कुछ नहीं है. जो थोड़ी बहुत सुविधाएं थीं, वो भी अब देखरेख के अभाव में अनुपयोगी होने लगी हैं. इसका उदाहरण है मतकमहातु गांव में स्थापित सोलर जलमीनार.

 

वित्तीय वर्ष 2019-20 में मतकमहातु के ढीपासाई टोले में डीएमएफटी फंड से एक सोलर जलमीनार की स्थापना की गयी थी. मुख्यमंत्री नलजल योजना अंतर्गत स्थापित इस सोलर जलमीनार में पांच हजार लीटर की क्षमता वाली टंकी लगी है. लेकिन स्थापना के दो वर्ष बाद ही ये जलमीनार अनुपयोगी हो गया. जलमीनार में लगी सोलर मशीन में खराबी आने के बाद जलापूर्ति बाधित हो गयी जो अबतक दुबारा चालू नहीं हो सकी. मुहल्लेवासियों ने बताया कि इस सोलर जलमीनार से करीब चार दर्जन घरों में जलापूर्ति होती थी. लेकिन अब जलापूर्ति बाधित रहने से पेयजल संकट गहरा गया है. उन्हें अब सार्वजनिक चापाकलों से पानी लाना पड़ रहा है. यथाशीघ्र जलापूर्ति को सुचारू किये जाने की आवश्यकता है. मुहल्लेवासियों ने बताया कि पहले ये मुहल्ला नगरपालिका में आता था. जबकि अब मतकमहातु पंचायत में आता है. पंचायत में आने के बाद ये मुहल्ला उपेक्षा का शिकार हो गया है.

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