गम्हरिया: गम्हरिया के ऊपरबेड़ा मैदान में शहीद रतिलाल महतो स्मृति रक्षा समिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में प्रख्यात मजदूर नेता स्व. रतिलाल महतो की 77वीं जयंती श्रद्धा के साथ मनाई गई।
Gamharia plant shut down: टाटा स्टील गम्हरिया: स्ट्रेट बार मिल हुआ बंद, कर्मचारियों का हंगामा
इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों समर्थकों ने शहीद बेदी और रतिलाल महतो की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत आयोजित एक भव्य आमसभा को संबोधित करते हुए राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि स्व. रतिलाल महतो सही मायनों में “मजदूरों के मसीहा” थे। उन्होंने कहा कि महतो जी ने अपना पूरा जीवन वंचितों और श्रमिकों के हक की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। उनकी वीरता और त्याग की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।
घाटशिला के विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने उन्हें एक युगद्रष्टा नेता बताते हुए कहा कि आज इस औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों को जो भी अधिकार और सुरक्षा मिली है, वह रतिलाल महतो द्वारा शुरू किए गए आंदोलनों का ही सुखद परिणाम है। वहीं, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने उनके योगदान को झारखंड आंदोलन की एक अविस्मरणीय कड़ी बताया और लोगों से उनके पदचिन्हों पर चलने का आह्वान किया।
इस विशेष अवसर पर झामुमो की कद्दावर नेता और सांसद जोबा मांझी, कुणाल सारंगी, जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो गणेश चौधरी , गणेश महाली समेत कई प्रमुख वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने एक स्वर में रतिलाल महतो के आदर्शों को समाज के उत्थान के लिए अनिवार्य बताया। कार्यक्रम में बीरेंद्र प्रधान, अमृत महतो, जगदीश महतो, और भारी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
http://सेरेंगसिया घाटी के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, ऐतिहासिक तिथि सुधार की उठी मांग



