नवजात के जन्म के बाद गोल्डन मिनट सबसे महत्वपूर्ण, ESI अस्पताल में  शिशु पुनर्जीवन पर कार्यशाला आयोजित

Adityapur: आदित्यपुर स्थित ईएसआईसी अस्पताल में नवजात बच्चे के जन्म के बाद कॉम्प्लिकेशन होने पर बच्चों को पुनर्जीवन प्रदान करने के महत्वपूर्ण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

कार्यशाला में शामिल डॉ अखौरी समेत अन्य

कार्यशाला का उद्घाटन अस्पताल अधीक्षक डॉ एम पी मिंज द्वारा किया गया। कार्यशाला में मुख्य रूप से मौजूद अस्पताल के नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अखौरी मिंटू सिन्हा ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि नवजात बच्चों के जन्म के बाद दिक्कत होने पर उन्हें किस प्रकार बचाया जा सकता है. कार्यशाला में मौजूद डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को जानकारी देते हुए डॉ अखोरी मिंटू सिन्हा ने बताया कि जन्म के बाद नवजात शिशु देर से अथवा रोते नहीं हैं तो उन्हें कृत्रिम एंबो बैग से वेंटीलेशन देकर बचाया जा सकता है .डॉ मिंटू सिन्हा ने बताया कि किसी भी नवजात के जन्म के फौरन बाद 1 मिनट को गोल्डन मिनट माना जाता है. जिसमें 30 सेकंड के भीतर नवजात नहीं रोता है तो उसे यह थेरेपी दी जाती है। कार्यशाला में डॉ हरेंद्र, डॉ. श्रीनिवास और डॉ. इंद्रदेव ने भी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की. कार्यशाला में मुख्य रूप से डॉ शुभ्रा, डॉ भावना, डॉ अभेधा, डॉ विदिशा, डॉ अविनाश समेत लेबर रूम एवं ऑपरेशन थिएटर के पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

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