चाईबासा। स्वास्थ्य सेवा को मिशन बनाकर निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे चिकित्सकों की कमी नहीं है। ऐसे ही समर्पित चिकित्सकों में एक नाम है डॉ. जगन्नाथ हेंब्रोम, जो पश्चिमी सिंहभूम जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर एवं कुपोषण उपचार केंद्र, चाईबासा के प्रभारी हैं। नववर्ष के अवसर पर उन्होंने अपनी स्वास्थ्य टीम के साथ गोईलकेरा प्रखंड के दुर्गम जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में स्थित आराहासा पंचायत अंतर्गत रेगाडबेडा गांव का दौरा किया, जहाँ लगभग 50 बिरहोर परिवार निवास करते हैं।
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डॉ. हेंब्रोम के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम द्वारा गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान बिरहोर परिवारों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। मलेरिया प्रभावित क्षेत्र होने और बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों के बीच मच्छरदानी, कंबल एवं साबुन का वितरण किया गया।
स्वास्थ्य जांच के दौरान तीन कुपोषित बच्चों की पहचान की गई, जिन्हें समुचित इलाज एवं पोषण देखभाल के लिए कुपोषण उपचार केंद्र, चाईबासा लाया गया। इस पहल से न केवल बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम बढ़ा, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदाय को भी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का सार्थक प्रयास हुआ।
उपस्थित स्वास्थ्य कर्मी
इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर, चाईबासा की टीम में शामिल थे—
डॉ. जगन्नाथ हेंब्रोम – प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर एवं कुपोषण उपचार केंद्र
निर्मल कुमार लागुरी – लिपिक
उमा रानी दोराईबुरु – GNM
ज्योत्सना सिंह बेसरा – ANM
मधुसूदन बाबरी – MPW
विजय मराण्डी – MPW
आशीष सांवैया – MPW
रजनीश पुरती – MPW
विजय बानरा – चालक
शेख वाजिद – चालक
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में इस प्रकार की नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ आदिवासी समुदाय के लिए जीवनदायिनी साबित होती हैं।
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