समाहरणालय में आयोजित हुआ जन शिकायत निवारण दिवस
Jamshedpur (जमशेदपुर) : समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया, जहां उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने विभिन्न प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान नागरिकों ने अपनी समस्याएं, सुझाव और मांगपत्र उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए।
सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ ऑन द स्पॉट दिलाना ही मुख्य उद्देश्य : विधायक

नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। नागरिकों द्वारा मुख्य रूप से पुश्तैनी जमीन पर अवैध दखल, भूमि विवाद, स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं, मुख्य सड़कों पर अवैध पार्किंग, स्कूल फीस में रियायत, चारदीवारी निर्माण पर आपत्ति समेत अन्य जनहित से जुड़े मामलों को रखा गया।
भूमि, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी शिकायतें रहीं प्रमुख
कार्यक्रम में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद और अवैध दखल को लेकर सामने आईं। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं, स्कूलों की फीस में रियायत की मांग और शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक व पार्किंग की अव्यवस्था को लेकर भी नागरिकों ने अपनी बात रखी।
कई मामलों का मौके पर ही समाधान
उपायुक्त द्वारा सभी आवेदनों को क्रमवार सुनते हुए कई मामलों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया। इससे नागरिकों को तत्काल राहत मिली और प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ।
संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
प्राप्त सभी आवेदनों को उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को अग्रसारित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनशिकायतों की नियमित समीक्षा पर प्रशासन का जोर
उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही विभागीय समीक्षा बैठकों में इन शिकायतों की नियमित समीक्षा कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
उद्देश्य: जनता को त्वरित और पारदर्शी न्याय
प्रशासन का उद्देश्य जन शिकायत निवारण दिवस के माध्यम से आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन-जनता के बीच विश्वास मजबूत हो सके।


