गुवा संवाददाता। टाटानगर से किरीबुरू जा रही मां पार्वती बस को लेकर शुक्रवार को उस समय गंभीर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बस के कंडक्टर ने बड़ाजामदा पहुंचने के बाद अचानक किरीबुरू जाने वाले सभी यात्रियों को वहीं उतार दिया। इस घटना से यात्रियों में भारी आक्रोश फैल गया और मामला हंगामे तक पहुंच गया।
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बड़ाजामदा में क्यों भड़का मां पार्वती बस विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मां पार्वती बस अपने निर्धारित मार्ग पर टाटानगर से किरीबुरू के लिए रवाना हुई थी। बस में बड़ी संख्या में ऐसे यात्री सवार थे, जिन्हें किरीबुरू एवं आसपास के क्षेत्रों तक जाना था। लेकिन जैसे ही बस बड़ाजामदा पहुंची, कंडक्टर ने यह कहकर यात्रियों को उतार दिया कि बस अब आगे किरीबुरू नहीं जाएगी।
यह सुनते ही यात्रियों में नाराजगी फैल गई। यात्रियों ने कंडक्टर से सवाल किया कि जब बस को किरीबुरू तक ले जाना ही नहीं था, तो टाटानगर से किरीबुरू का टिकट देकर यात्रियों को बस में क्यों बैठाया गया।
यात्रियों में भारी आक्रोश, सड़क पर रोकी गई बस
मां पार्वती बस विवाद के बाद यात्रियों का गुस्सा बढ़ता चला गया। नाराज यात्रियों ने दोपहर करीब 2:30 बजे बस को बड़ाजामदा में ही रोक दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक बस किरीबुरू नहीं जाएगी, तब तक उसे आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
इस दौरान यात्रियों और बस स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यात्रियों का कहना था कि इस तरह बीच रास्ते में उतार देना न केवल अनुचित है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ खिलवाड़ भी है।
हंगामे के कारण कुछ समय तक अफरा-तफरी
यात्रियों के विरोध प्रदर्शन और हंगामे के कारण बड़ाजामदा क्षेत्र में कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सड़क पर खड़ी बस के कारण यातायात भी आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने भी यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बस प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
करीब डेढ़ घंटे बाद मानी गई यात्रियों की मांग
लगभग डेढ़ घंटे तक चले विरोध और हंगामे के बाद आखिरकार शाम करीब 4:00 बजे बस कंडक्टर को यात्रियों की मांग माननी पड़ी। इसके बाद मां पार्वती बस को पुनः किरीबुरू के लिए रवाना किया गया।
बस के किरीबुरू जाने की घोषणा होते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली, लेकिन बस प्रबंधन के प्रति उनका आक्रोश बरकरार रहा।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद यात्रियों ने मां पार्वती बस विवाद को लेकर बस प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ी दुर्घटना या गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
यात्रियों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि—
बस संचालन में पारदर्शिता लाई जाए
यात्रियों को बीच रास्ते में उतारने जैसी घटनाओं पर रोक लगे
संबंधित बस प्रबंधन पर उचित कार्रवाई की जाए
निष्कर्ष
मां पार्वती बस विवाद ने एक बार फिर निजी बसों की मनमानी और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों के विरोध के बाद भले ही बस को किरीबुरू तक ले जाया गया, लेकिन इस घटना ने परिवहन व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है।
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